रीबाउंड हैमर टेस्ट से परखी ओवरहेड टैंक के पिलरों की मजबूती, गुणवत्ता पर विशेष जोर
जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह एवं मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन ने आज शिवराजपुर नगर पंचायत पुनर्गठित पेयजल योजना का स्थ
लीय निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति एवं पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने योजना से जुड़े विभिन्न घटकों का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि लगभग 14.32 करोड़ रुपये लागत की इस परियोजना के अंतर्गत शिवराजपुर नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में घर-घर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। योजना में स्थापित छह नलकूपों में से पांच पूर्ण क्षमता के साथ क्रियाशील हैं, जिनके माध्यम से नगर पंचायत क्षेत्र में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की भौतिक प्रगति 98 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है तथा जलापूर्ति का लाभ लोगों को मिलने लगा है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ओवरहेड टैंक का अवलोकन किया तथा रीबाउंड हैमर टेस्ट के माध्यम से टंकी के पिलरों की संरचनात्मक मजबूती की जांच कराई। परीक्षण के दौरान निर्माण गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं तथा शेष कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत 3534 घरेलू जल संयोजन प्रदान किए गए हैं, जिससे लगभग 16 हजार नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद नगर पंचायत क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी तकनीकी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जल निगम, नगर पंचायत एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारी उपस्थित रहे।





