कई मदो में चहेते लोगों को मजदूर बनाकर निजी खातों में हो रहा बार बार भुगतान, बना जांच का विषय
बढ़नी सिद्धार्थनगर। यूपी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लाख दावे कर लें, लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ अलग ही कहानियां बयां कर रही है। जिम्मेदार अधिकारी धरातल पर उतरकर काम देखने के बजाए आफिसों में बैठकर विकास की फाइलें पलट रहे हैं। और सारा विकास कागजों में हो रहा है।
गांवों में पंचायत स्तर पर लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से लाखों रुपये के लागत से भवन बनवाकर पंचायत सहायकों की नियुक्ति कर कुर्सी,मेज, पंखा , कम्प्यूटर, लाइब्रेरी आदि की व्यवस्था कराई जा रही है। लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता से सरकार की मंशा पर पानी फेरा जा रहा है।
ताज़ा मामला विकास खंड बढ़नी क्षेत्र के ग्राम पंचायत सेवरा का बताया जा रहा है, जहां पंचायत भवन में ज्यादातर समय ताला लटका रहता है। जबकि पंचायत सहायक अखिलेश पाठक के नाम पर भुगतान भी हो रहा है। बताया जाता है कि विकास के नाम पर अंकित कुमार पाठक,पिंटू गौतम, अमित कुमार पाठक आदि लोगों को मजदूर दिखाकर निजी खातों में बार बार भुगतान किया जा रहा है।
इसके अलावा सफाई कर्मी किट, स्वच्छता, स्टेशनरी, सेल्फी प्वाइंट, सोलर लाइट सहित अन्य कई मदो में जिम्मेदार लोगों द्वारा भुगतान तो किया गया है। लेकिन जमीनी स्तर पर हकीकत कुछ और ही बताया जा रहा है। वहीं कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विकास के नाम पर भुगतान तो किया जाता है लेकिन बुनियादी सुविधाएं नही मिल पा रही है।





