आजमगढ़ (अवधनामा ब्यूरो)। महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल में अर्थ डे पर हुए विशेष कार्यक्रम में नन्हे मुन्ने बच्चों की प्रतिभा सराहनीय एवं प्रशंसनीय रही । कार्यक्रम की शुरुआत कक्षा नर्सरी से लेकर यूकेजी तक के नन्हे मुन्ने बच्चों ने सर्वप्रथम धरती बचाओ , पर्यावरण बचाओ पर आधारित वेशभूषा से प्रकृति बचाओ, धरती बचाओ का संदेश दिया। आपको बताते चले की पृथ्वी दिवस पर सिधारी स्थित महादेवी हायर सेकेंडरी स्कूल में पर्यावरण जागरूकता के उद्देश्य से उत्साह और उमंग के साथ ‘पृथ्वी दिवस’ मनाया गया, जिसमें छात्र, शिक्षक और प्रबंधक डीपी मौर्य, प्रधानाचार्य शत्रुघ्न विश्वकर्मा, एकेडमिक डायरेक्टर रामनयन मौर्य, कोऑर्डिनेटर आनंद मौर्य ने पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता को लेकर एक साथ एक स्वर में संकल्प लिया कि हम पृथ्वी को बचाएंगे और पर्यावरण को बचाएंगे साथ साथ ये प्रतिबद्धता दोहराई।
तपस्चात नर्सरी से लेकर यूकेजी तक के बच्चों ने मंच पर एक से बढ़कर एक अर्थ डे को दर्शाता अपने परिधान से संदेश दिया। कार्यक्रम छात्रों के बीच पर्यावरणीय चेतना जगाने और उन्हें पृथ्वी के संरक्षण में योगदान देने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से एक लघु नाटक जिसे कक्षा प्रथम के छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत किया जिसे सभी ने बहुत ही सराहा। विद्यालय के प्रबंधक डीपी मौर्य ने बताया इस विशेष दिन को मनाने के लिए कई तरह की गतिविधियों का आयोजन किया गया था, जिसमें हमारा आज का यह कार्यक्रम शामिल था । उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि, “पृथ्वी हम सबकी है और इसकी रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। युवा पीढ़ी इसमें अहम भूमिका निभा सकती है।” उन्होंने छात्रों को अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाकर पर्यावरण को बचाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य शत्रुघ्न विश्वकर्मा ने कहा कि, “हमारा उद्देश्य न केवल छात्रों को किताबी ज्ञान देना है, बल्कि उन्हें एक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। ‘पृथ्वी दिवस’ जैसे कार्यक्रम छात्रों में पर्यावरण के प्रति प्रेम और सम्मान पैदा करते हैं। विद्यालय के अकादमिक डायरेक्टर रामनयन मौर्य ने कहा ‘पृथ्वी दिवस’ कार्यक्रम ने छात्रों और समुदाय के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम ने साबित किया कि अगर हम सभी मिलकर प्रयास करें, तो हम अपनी पृथ्वी को एक हरा-भरा और स्वस्थ बना सकते हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में कोऑर्डिनेटर आनंद मौर्य, दिनेश यादव, रामचरण मौर्य, दीपिका सिंह, मीनाक्षी अस्थाना, किशन यादव, धीरेंद्र मोहन, शरद गुप्ता, अजय यादव,राहुल तिवारी, आरोही मोदनवाल, प्रेमा यादव आदि शिक्षक व शिक्षिकाओं का सराहनीय योगदान रहा।





