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सीएचसी कर्नलगंज फिर शर्मसार: फार्मासिस्ट पर छेड़खानी का आरोप, जांच के घेरे में पुलिस की भूमिका

गोण्डा। जिले के सरकारी अस्पताल अब सुरक्षित नहीं रहे? कर्नलगंज सीएचसी से आई बेहद शर्मनाक खबर ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह सीएचसी कर्नलगंज में इलाज कराने आई युवती ने 10 साल से तैनात फार्मासिस्ट अशोक वर्मा पर छेड़खानी और अश्लील हरकत व बदतमीजी करने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोपों के बाद अस्पताल से लेकर थाने तक हड़कंप मचा है।

क्या है पूरा मामला-

पीड़िता का आरोप है कि वह सुबह 9 बजे पेट दर्द की दवा लेने सीएचसी पहुंची थी। वहां फार्मासिस्ट अशोक वर्मा ने इलाज के बहाने कमरे में बुलाया और गलत नियत से कपड़े उतारने को कहा। विरोध पर बदतमीजी की। शोर मचाने पर युवती किसी तरह वहां से भागी और रो-रोकर आपबीती सुनाई।

पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि कर्नलगंज कस्बा चौकी इंचार्ज सुमित कुमार सिंह ने पीड़िता और डॉक्टर से कई घंटों तक चौकी में पूंछताछ की, लेकिन मौके पर महिला कांस्टेबल मौजूद नहीं थी। भारतीय न्याय संहिता के नियमों के मुताबिक महिला पीड़िता से पूछताछ में महिला पुलिसकर्मी का होना अनिवार्य है। इस लापरवाही ने जांच पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

सच या साजिश? कस्बे में दो फाड़

घटना के बाद कर्नलगंज में दो तरह की चर्चाएं हैं। एक पक्ष पीड़िता के साथ खड़ा है तो दूसरा इसे साजिश बता रहा है। स्थानीय लोगों और संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। मांग है कि दोषी हो तो कड़ी सजा मिले, और अगर आरोप झूठे हैं तो निर्दोष को फंसाने वालों पर कार्रवाई हो।

सीएचसी अधीक्षक मामले में जवाब देने से कतरा रहे, भरोसा डगमगाया

मामले में जानकारी करने के लिए जब मीडिया कर्मियों ने सीएचसी अधीक्षक अनुज कुमार से संपर्क किया तो वह सवालों के जवाब देने और कुछ बताने से कतराते नजर आये। जिससे सीएचसी प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है,वहीं लोगों का भरोसा डगमगा रहा है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल- जब सरकारी अस्पताल में ही महिला सुरक्षित नहीं, तो भरोसा करे कौन?

जनता का सवाल-

अगर आरोप सही हैं तो 10 साल से तैनात कर्मचारी पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और अगर साजिश है तो एक युवती को मोहरा कौन बना रहा है? महिला कांस्टेबल के बिना पूछताछ क्यों? फिलहाल सच जांच रिपोर्ट के पन्नों में कैद है। कर्नलगंज की जनता की नजर उसी पर टिकी है। खबर में लगाए गए सभी आरोप कथित हैं और पीड़िता व सूत्रों के हवाले से तथा वायरल वीडियो के अनुसार हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है। मामले की गहन निष्पक्ष जांच पूरी होने के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।

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