मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमेरिका-ईरान संघर्ष में युद्धविराम के बावजूद बमबारी जारी रहने पर चिंता जताई। उन्होंने दोनों पक्षों से दो सप्ताह की अवधि का विवेकपूर्ण उपयोग कर स्थायी शांति स्थापित करने की अपील की।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष में युद्धविराम पर सहमति बनने के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष सहमत दो सप्ताह की अवधि का विवेकपूर्ण उपयोग करेंगे ताकि मौजूदा तनाव का स्थायी समाधान निकल सके और क्षेत्र में शांति स्थापित हो।
श्रीनगर स्थित एसकेआईसीसी (SKICC) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्धविराम की घोषणा के बावजूद कई स्थानों पर बमबारी की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि संघर्ष पूरी तरह समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा, ‘उम्मीद है कि दोनों पक्ष इस अवधि का समझदारी से इस्तेमाल करेंगे, तनाव बढ़ाने से बचेंगे और स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ेंगे।’
इस दौरान मुख्यमंत्री ने एसकेआईसीसी में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, कृषि उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्टार्ट-अप्स, उद्यमियों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया गया है।
निर्यातकों को वैश्विक बाजार से जोड़ना प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभागियों ने इस आयोजन में भाग लिया है। इससे जम्मू-कश्मीर के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।
हालिया वैश्विक तनाव के चलते विदेशी भागीदारी पर पड़े प्रभाव के सवाल पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अपेक्षित और वास्तविक भागीदारी की तुलना करना उचित नहीं होगा। हालांकि, लगभग 15-16 देशों के प्रतिनिधियों और करीब 40 विदेशी खरीदारों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जम्मू-कश्मीर के उत्पादों के प्रति उत्साह बना हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘जो लोग मौजूदा संघर्ष के कारण इस बार नहीं आ सके, हमें उम्मीद है कि वे भविष्य में आयोजित कार्यक्रमों में अवश्य शामिल होंगे।’ मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीदार-विक्रेता बैठक के साथ प्रशिक्षण एवं जागरूकता सत्र भी आयोजित किए गए हैं, ताकि वर्तमान और संभावित निर्यातकों को निर्यात प्रक्रिया, सरकारी सहायता और विभिन्न सब्सिडी योजनाओं की विस्तृत जानकारी मिल सके।
… अंतिम समाधान नहीं हुआ है
उन्होंने कहा, ‘हमारी कोशिश केवल मौजूदा निर्यातकों का कारोबार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे उद्यमियों को भी निर्यात से जोड़ना है, जिन्होंने अब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम नहीं रखा है।’ ईरान-इज़राइल स्थिति और उसके जम्मू-कश्मीर के पर्यटन पर संभावित असर से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल केवल युद्धविराम की सहमति बनी है, अंतिम समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘युद्धविराम और स्थायी समझौते में बड़ा अंतर होता है। उम्मीद है कि दोनों देश इस अवसर का सकारात्मक उपयोग करेंगे और संघर्ष का स्थायी अंत होगा।’ कश्मीर में पर्यटन को लेकर मुख्यमंत्री ने लोगों से पर्यटकों की संख्या के आंकड़ों पर अनावश्यक जोर न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि वास्तविक तस्वीर ज़मीनी हालात से स्पष्ट होती है।
उन्होंने कहा, ‘लोग आ रहे हैं, होटल भरे हुए हैं, ट्रैफिक जाम लग रहे हैं और स्थानीय लोग कारोबार कर रहे हैं। उन्हें काम करने दीजिए। यदि हम केवल आंकड़ों पर ही ध्यान देंगे, तो अंततः नुकसान अपना ही होगा। पर्यटन की वास्तविक स्थिति का आकलन सीजन समाप्त होने के बाद ही किया जाना चाहिए।’





