प्रतीक यादव द्वारा दर्ज कराए गए धोखाधड़ी और रंगदारी के मामले की जांच गौतमपल्ली पुलिस कर रही है। आरोप है कि बिल्डर कृष्णानंद पांडेय ने करोड़ों का निवेश हड़पकर फर्जी पॉक्सो मुकदमे और बदनाम करने की धमकी दी।
लखनऊ। पूर्व सीएम अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव द्वारा दर्ज कराए गए धोखाधड़ी और रंगदारी के मुकदमे की जांच अब भी जारी है। गौतमपल्ली पुलिस मामले में आरोपित बिल्डर और उसके परिवार की भूमिका की पड़ताल कर रही है। प्रतीक ने 13 जुलाई 2025 को गौतमपल्ली थाने में रियल एस्टेट कंपनी मोनल इंफ्रा के निदेशक कृष्णानंद पांडेय, उनकी पत्नी वंदना पांडेय और पिता अशोक पांडेय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी थी।
प्रतीक का आरोप था कि आरोपितों ने उनसे करोड़ों रुपये का निवेश कराने के बाद हिसाब मांगने पर चार करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। रकम न देने पर पाक्सो एक्ट के फर्जी मुकदमे में फंसाने और इंटरनेट मीडिया पर बदनाम करने की धमकी दी गई। यही नहीं, एडिट कर फर्जी आडियो तैयार कर उसे वायरल भी किया गया।
प्रतीक के मुताबिक उनकी मुलाकात वर्ष 2011-12 में चिनहट के चक मल्हौरी स्थित पूर्वांचल सिटी निवासी कृष्णानंद पांडेय से हुई थी। दोस्ती बढ़ने के बाद कृष्णानंद ने शहीद पथ किनारे जमीन खरीद में मोटे मुनाफे का झांसा देकर निवेश कराया। इसके बाद मोनल इंफ्रा कंपनी बनाई गई, जिसमें प्रतीक को प्रमोटर बनाया गया।
आरोप है कि सामाजिक कार्यों में व्यस्त रहने का फायदा उठाकर कृष्णानंद ने विभिन्न मदों में उनसे बड़ी रकम ली। प्रतीक ने बताया था कि वर्ष 2020 में कोविड संक्रमण और उसके बाद परिवार में लगातार हुई मौतों से वह मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान रहे। इसी दौरान आरोपित ने कंपनी और निवेश से जुड़ी रकम हड़प ली थी। जब उन्होंने हिसाब मांगा तो आरोपित टालमटोल करने लगा और बाद में धमकियां देने लगा। पुलिस अब मामले में वित्तीय लेनदेन, वायरल आडियो और रंगदारी के आरोपों की जांच कर रही है।
गोमतीनगर थाने में साले समेत अन्य पर दर्ज हुआ था मुकदमा
प्रतीक के साले अमन समेत अन्य पर जमीन के नाम पर करोड़ो रुपये की धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में अमन ने ज्यादा जमीन दिखाकर करोड़ो रुपये लिए थे, लेकिन रजिस्ट्री आधी ही करवाई थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर अमन समेत अन्य पर मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मुकदमे के दौरान भी प्रतीक और अमन के बीच तकरार की बात सामने आई थी, हालांकि कोई भी स्पष्ट बयान किसी की तरफ से जारी नहीं किया गया था।





