मिर्जापुर हत्याकांड में NSA व अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग
हमीरपुर। मिर्जापुर में अधिवक्ता की दिनदहाड़े हत्या से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने बुधवार को सांकेतिक हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कठोर कार्रवाई और अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि 12 अप्रैल को मिर्जापुर में बार एसोसिएशन के अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह की सरेआम हत्या कर दी गई थी। पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, लेकिन अधिवक्ता इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों पर NSA के तहत कार्रवाई आवश्यक है।
अधिवक्ताओं ने मृतक अधिवक्ता के परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि इस घटना से प्रदेश भर के अधिवक्ताओं में भय और आक्रोश का माहौल है।
इसके अतिरिक्त अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक को एक अलग ज्ञापन सौंपते हुए हमीरपुर निवासी अधिवक्ता देवी प्रसाद यादव की 6 मार्च को हुई आत्महत्या के मामले में भी कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ताओं का आरोप है कि चकबंदी विभाग की लेखपाल वंदना राजपूत सहित अन्य कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध है।
बताया गया कि इस संबंध में पूर्व में थाने में तहरीर दी जा चुकी है, लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। अधिवक्ता सूर्य किशोर तिवारी ने मृतक के भाई विजय सिंह का प्रार्थना पत्र एसपी को सौंपते हुए सुसाइड नोट में नामजद व्यक्तियों से पूछताछ कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ता संघ के महामंत्री अश्वनी प्रजापति ने कहा कि मिर्जापुर की घटना ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने सरकार से अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट शीघ्र लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे अधिवक्ता निर्भीक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।





