
यूपी के अलीगढ़ जिले में कस्बा खैर के रहने वाले अजीत सिंह ने साल 2010 में दिल्ली पुलिस में सिपाही के तौर भर्ती हुए थे. ठीक एक साल बाद साल 2011 में उनका सलेक्शन यूपी पुलिस में दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) पद पर हुआ. लेकिन कानूनी दावपेंच के चलते इस बैच के दारोगाओं को नौकरी नहीं मिल सकी. 2015 में इस भर्ती को हरी झंडी मिलने के बाद अजीत सिंह ने दारोगा की नौकरी ज्वाइन की थी. अब अजीत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और अपने त्याग-पत्र में कहा है कि दारोगा की ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई. अजीत ने इस पत्र में यह भी लिखा कि लंबी ड्यूटी अवधि और उसका भी कोई शेड्यूल न होने के कारण तीन माह में 12 किलो वजन घट गया.
क्या अजीत वापस दिल्ली पुलिस ज्वाइन कर सकते हैं?
दारोगा अजीत सिंह के मुताबिक 1 सितंबर 2017 में रोहटा थाने में ज्वाइन होने के बाद उनकी नौकरी अंडर ट्रेनिंग शुरू हुई. ज्वाइनिंग डेट के हिसाब से अजीत सिंह का प्रोबेशन पीरियड सितंबर 2019 में समाप्त होगा. वहीं, 2015 में दिए गए उनके टेक्निकल रिजाइन की अवधि नवंबर 2017 को खत्म हो गई थी. लेकिन नौकरी कन्फर्म न होने का हवाला देते हुए उन्होंने अपने टेक्निकल रिजाइन की अवधि बीते नवंबर में एक साल के लिए बढ़वा ली थी. आपको बता दें कि पुलिस में अपर पोस्ट पर चयन होने पर टेक्निकल रिजाइन का प्रावधान है और इसके तहत दो वर्ष तक नई पोस्ट पर स्थायी नियुक्ति न होने पर कर्मचारी वापस ज्वाइन कर सकता है.
यूपी पुलिस का कहना है
यूपी पुलिस की एसएसपी मंजिल सैनी ने अजीत सिंह के इस्पीफे की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया कि, अंडर ट्रेनिंग दारोगा ने त्याग-पत्र देकर दिल्ली पुलिस में सिपाही की नौकरी करने की इच्छा जाहिर की है. आगामी प्रक्रिया के लिए आवेदन को उच्चाधिकारियों के पास भेजा जा रहा है. आईजी रामकुमार वर्मा ने कहा कि आवेदन प्राप्त होने पर पुलिस एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जाएगी.
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