HomeHealthसलाद खाना कहीं पड़ न जाए भारी! खबरों में क्यों है 'साइक्लोस्पोरा'...

सलाद खाना कहीं पड़ न जाए भारी! खबरों में क्यों है ‘साइक्लोस्पोरा’ और क्या हैं इसके परेशान करने वाले लक्षण?

थकान, ब्लोटिंग और लगातार दस्त से हैं परेशान? हो सकते हैं पेट की इस नई बीमारी ‘साइक्लोस्पोरा’ के लक्षण।

दिल का रास्ता पेट से होकर जाता है यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी, यानी अच्छा खाना खिलाकर किसी को भी दीवाना बना सकता है। पर इसका दूसरा पहलू भी है, वो यह कि पेट खुश नहीं तो मन भी खुश नहीं रह सकता। हम पेट की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हाल ही में साइक्लोस्पोरा नामक पेट से जुड़ी बीमारी लगातार खबरों में बनी हुई है। हो सकता है यह नाम आपने पहली बार सुना हो लेकिन यह फूड प्वाइजनिंग से थोड़ी मिलती-जुलती है। यहां डॉक्टर सौरभ सेठी साइक्लोस्पोरा के बारे में बता रहे हैं।

क्या है साइक्लोस्पोरा?

यह पैरासाइट इन्फेक्शन है जिसका पूरा नाम साइक्लोस्पोरियासिस है। इसमें छोटी आंत सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। फूड प्वाइजनिंग और साइक्लोस्पोरा दोनों ही दूषित खाने और पानी से फैलने वाली बीमारी हैं, पर दोनों के बीच फर्क बस इतना है कि फूड प्वाइजनिंग का कारण बैक्टीरिया और वायरस होता है, जबकि साइक्लोस्पोरा के फैलने का कारण फूड या पानी पर मौजूद पैरासाइट हैं।

साइक्लोस्पोरा के लक्षण

साइक्लोस्पोरा के ऐसे कई लक्षण हैं जिनसे इस बीमारी की पहचान की जा सकती है:

  • थकान
  • ब्लोटिंग
  • बिगड़ा हुआ पाचन
  • वजन कम होना
  • दस्त

साइक्लोस्पोरा फैलने की वजह

अभी तक पेट से जुड़ी इस बीमारी के फैलने की वजह के बारे में पता नहीं चल पाया है पर अनुमान है कि इसका कारण हरी पत्तेदार सब्जियां हैं। वहीं, लक्षणों की बात करें तो पैरासाइट के संपर्क में आने के बाद इसके लक्षण एक हफ्ते बाद दिखने लगते हैं।

साइक्लोस्पोरा से जुड़ी जरूरी बातें

  • सब्जियां धोने के बाद भी इसके पैरासाइट जिंदा रहते हैं।
  • पैरासाइट को मारने के लिए खाने को 70 डिग्री सेल्सियस पर गर्म किया जाना चाहिए।
  • हरी पत्तेदार सब्जियां इसके फैलने की वजह हैं तो सलाद खाने से सावधानी बरतनी होगी। सब्जियां खरीदते समय शुरू के 2-3 पत्ते हटा दें और उन्हें धोने के बाद अच्छे से पकाएं।
  • यह बीमारी लोगों के संपर्क में आने से नहीं फैलती है।

साइक्लोस्पोरा का पता कैसे लगाएं?

साइक्लोस्पोरा का सबसे बड़ा संकेत दस्त हैं, अगर लंबे समय तक यह परेशानी बनी हुई है तो साइक्लोस्पोरा PCR नामक टेस्ट से इसका पता लगाया जाता है। बीमारी की पहचान के बाद इसका इलाज आसानी से किया जा सकता है। इसका स्टैंडर्ड ट्रीटमेंत बैक्टरिम है जिसे 7-10 दिनों के डॉक्टर खाने की सलाह दे सकते हैं।

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