बुनियादी सुविधाओं और मतदान के अधिकार से वंचित ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
मौदहा (हमीरपुर)। तहसील क्षेत्र के फत्तेपुर ग्राम पंचायत का मजरा काछिन डेरा परिसीमन में हुई कथित तकनीकी चूक के चलते प्रशासनिक असमंजस का शिकार हो गया है। स्थिति यह है कि यह क्षेत्र न तो मौदहा नगर पालिका परिषद की सीमा में शामिल है और न ही किसी ग्राम पंचायत के अधीन, जिससे यहां के सैकड़ों ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं और कई नागरिक अधिकारों से वंचित हैं।
शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील पहुंचे और उपजिलाधिकारी करनवीर सिंह को ज्ञापन सौंपकर काछिन डेरा को नगर पालिका परिषद में शामिल करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि पिछली परिसीमन प्रक्रिया में मुख्य फत्तेपुर ग्राम पंचायत को नगर पालिका में शामिल कर लिया गया, लेकिन उसका मजरा काछिन डेरा तकनीकी चूक के कारण बाहर रह गया। इसके चलते क्षेत्र की प्रशासनिक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के लोगों को सड़क, सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। साथ ही जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज बनवाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक विसंगति के कारण उनका नाम मतदाता सूची में भी शामिल नहीं हो पा रहा है, जिससे वे चुनाव में मतदान के अधिकार से भी वंचित हो रहे हैं। उनका कहना है कि इस संबंध में पहले भी कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीण रामबाबू और रमेश कुशवाहा सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की। इस पर उपजिलाधिकारी करनवीर सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच कराने तथा रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।





