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पॉक्सो व एससी/एसटी एक्ट के मामले में अभियुक्त को एक-एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा

दुष्कर्म व धमकी के आरोप से दोषमुक्त, मारपीट और एससी/एसटी एक्ट की धारा में दोषसिद्ध

मौदहा (हमीरपुर)। थाना मौदहा में वर्ष 2019 में दर्ज पॉक्सो एवं एससी/एसटी एक्ट के एक मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय, हमीरपुर ने अभियुक्त को मारपीट तथा एससी/एसटी एक्ट की एक धारा में दोषी ठहराते हुए एक-एक वर्ष के कठोर कारावास एवं एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं दुष्कर्म, आपराधिक धमकी तथा अन्य गंभीर धाराओं से अभियुक्त को दोषमुक्त कर दिया गया।

अभियोजन के अनुसार, थाना मौदहा में 10 अक्टूबर 2019 को गहवरा निवासी पिंटू पुत्र जागों के विरुद्ध मुकदमा संख्या 406/2019 धारा 376, 506 भादंसं, 3/4 पॉक्सो एक्ट तथा 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि अभियुक्त ने वादी की नाबालिग पुत्री को जबरन घर से ले जाकर दुष्कर्म का प्रयास किया, उसके साथ मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया।

पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत इस मुकदमे में प्रभावी पैरवी की गई। समयबद्ध तरीके से साक्ष्यों और गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई पूरी होने के बाद सोमवार को विशेष पॉक्सो न्यायालय, हमीरपुर ने अभियुक्त पिंटू को धारा 323 भादंसं तथा एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धारा में दोषी ठहराते हुए एक-एक वर्ष के कठोर कारावास एवं एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

हालांकि न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में अभियुक्त को धारा 376, धारा 506 भादंसं तथा संबंधित एससी/एसटी एक्ट की गंभीर धारा के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी बालकरन एवं श्रीमती सौम्या पाण्डेय ने की थी। शासन की ओर से एडीजीसी रुद्र प्रताप सिंह ने प्रभावी पैरवी की, जबकि पुलिस विभाग की ओर से कांस्टेबल प्रदीप भार्गव ने पैरवीकर्ता की भूमिका निभाई।

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