लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि और कथित प्रशासनिक अनियमितताओं के विरोध में पिछले 15 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन ने अब राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। समाजवादी अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिठाई लाल भारती ने समर्थकों के साथ धरनास्थल पहुंचकर निष्कासित छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई और विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ-साथ भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा।
धरने का नेतृत्व कर रहे छात्र प्रेम प्रकाश यादव, शशि प्रकाश प्रिंस और हर्षित शुक्ला को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा निष्कासित किए जाने और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए भारती ने इसे छात्र आवाज को दबाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों को संवाद के बजाय दंडित किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।
मिठाई लाल भारती ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में छात्र, युवा, किसान, मजदूर और व्यापारी सभी वर्ग उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम कर रही है। अंबेडकर वाहिनी ने चेतावनी दी कि यदि निष्कासित छात्रों की बहाली नहीं हुई और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी बनाया जाएगा।यह जानकारी सपा बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय महासचिव रामबाबू भारती सुदर्शन दी। धरने में अवनीश यादव, प्रिंस कुमार, सत्येंद्र कुमार पानू समेत बड़ी संख्या में छात्र नेता और सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।





