‘हम क्या खा रहे हैं’ के साथ ही यह भी मायने रखता है कि ‘हम कब खा रहे हैं’।
देर रात कुछ न कुछ खाने की क्रैविंग होना आज हर दूसरे व्यक्ति की आदत बन चुकी है। हम अक्सर सोने के समय पर चिप्स, कुकी या चॉकलेट जैसी चीजें खाने के शौकीन हो गए हैं। पर हाल ही में एक स्टडी सामने आई है, जो बता रही है कि ‘हम क्या खा रहे हैं’ के साथ ही यह भी मायने रखता है कि ‘हम कब खा रहे हैं’।
देर रात खाने पर नई स्टडी
वैज्ञानिक क्रोनोन्यूट्रीशन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, अब आप सोच रहे होंगे कि न्यूट्रीशन तो सुना है पर यह क्रोनोन्यूट्रीशन क्या है? तो आपको बता दें कि क्रोनोन्यूट्रीशन यह स्टडी करता है कि खाने के समय का हमारे बॉडी क्लॉक पर, पाचन पर और आंतों के बैक्टीरिया पर क्या असर पड़ता है।
इस रिसर्च में पाया गया कि जो लोग देर रात या तनाव वाले टाइम पर खाना खाते हैं, उनके गट बैक्टीरिया खुश नहीं रहते। ऐसे लोगों को पाचन से जुड़ी दिक्कतें ज्यादा झेलनी पड़ती हैं।
9 बजे के बाद खाना खाने का सेहत पर असर
2026 की डाइजेस्टिव डिसीज वीक कॉन्फ्रेंस में रिसचर्स ने करीब 11000 लोगों पर की गई स्टडी को सामने रखा। इसमें पाया गया कि जिन लोगों ने रात में 9 बजे के बाद 1/4 से ज्यादा कैलोरी ली है, उनमें पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे कब्ज और दस्त को ज्यादा देखा गया। जबकि जिन लोगों ने 9 बजे से पहले खाया उनमें पेट से जुड़ी परेशानियों का खतरा 2.5 गुना कम हो गया। स्टडी यह भी बताती है कि तनाव के समय में भी खाने से यही परेशानियां देखी गईं।
कब खा रहे हैं यह मायने क्यों रखता है?
हमारी बॉडी क्लॉक जिसे हम सर्केडियन रिदम कहते हैं, बिल्कुल एक घड़ी की तरह ही काम करती है। यह घड़ी हमारे शरीर में हर चीज का एक समय तय करती है, जैसे- मेटाबॉलिज्म, नींद, पाचन और हॉर्मोन्स। यहां तक कि हमारी गट में मौजूद बैक्टीरिया भी एक निश्चित समय पर काम करते हैं। ऐसे में समय पर न खाना या बेवक्त खाने से बॉडी क्लॉक बिगड़ जाती है और पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर पाता।
कैसे पहचानें देर से खाना सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है?
एक या दो बार रात को देर से खाना नुकसानदायक नहीं है, समस्या तो तब है जब इसकी आदत बना ली जाए। वहीं, अब सवाल यह उठता है कि कैसे पहचानें कि देर से खाना सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है तो इसे कई लक्षणों से पहचाना जा सकता है। अगर इस आदत के चलते कब्ज, दस्त (डायरिया), एसिड रिफ्लक्स जैसी परेशानी हो रही है तो यह साफ संकेत है जिसे अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।





