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पेट्रोल पंपों से थोक में डीजल-पेट्रोल खरीदने पर रोक, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

सरकार ने औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपयोगकर्ताओं के पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने पर रोक लगा दी है। अब इन बड़े उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत का तेल केवल ‘बल्क सेल पॉइंट्स’ से ही खरीदना होगा।

देश के कुछ हिस्सों में डीजल की मांग में अचानक आई असामान्य तेजी को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल यूजर्स को पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल खरीदने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

अब इन बड़े उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत का तेल सिर्फ ‘बल्क सेल पॉइंट्स’ से ही खरीदना होगा।

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

दरअसल, वेस्ट एशिया संकट के बाद लागत बढ़ने के बावजूद आम जनता को राहत देने के लिए रिटेल कीमतें नहीं बढ़ाई गईं, जिससे दिल्ली में रिटेल डीजल (95.20 रुपये प्रति लीटर) और बल्क डीजल (134.50 रुपये प्रति लीटर) के बीच 39 रुपये से अधिक का भारी अंतर आ गया। इसी वजह से टेलीकॉम टावर और इंडस्ट्रीज जैसे बल्क यूजर्स नुकसान से बचने के लिए रिटेल पेट्रोल पंपों से खरीदारी करने लगे थे।

सरकारी आदेश के अनुसार, सरकार ने इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल यूजर्स के लिए पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल खरीदने पर रोक अगले 90 दिनों तक के लिए लगाई गई है। सरकार ने आधिकारिक आदेश जारी कर इन बड़े उपभोक्ताओं को पेट्रोल पंपों के बजाय सीधे बल्क सेल पॉइंट्स से ईंधन की खरीदारी करने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण तेल कीमतों में अचानक वृद्धि आई। आम उपभोक्ताओं को बचाने के लिए सरकारी तेल कंपनियों द्वारा खुदरा कीमतों में को बहुत अधिक नहीं बढ़ाया, जिसके कारण इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल यूजर्स भी यहीं से पेट्रोल-डीजल लेने लगे। क्योंकि इन बड़े उपभोक्ताओं को बल्क सेल पॉइंट्स से तेल खरीदना महंगा पड़ रहा था।

जिसके बाद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 11 जून को मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल (खुदरा दुकानों के माध्यम से आपूर्ति का अस्थायी विनियमन) आदेश, 2026 जारी किया, जिसमें ईंधन खुदरा विक्रेताओं और तेल विपणन कंपनियों को एक बार में 90 दिनों तक की अवधि के लिए खुदरा दुकानों से थोक खरीद पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया गया है।

अधिसूचना में कहा गया है, “वर्तमान स्थिति में यह देखा गया है कि देश के कुछ हिस्सों में खुदरा दुकानों के माध्यम से मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) और हाई स्पीड डीजल (डीजल) की बिक्री में असामान्य वृद्धि हो रही है, जिसका कारण खुदरा और थोक बिक्री कीमतों के बीच अंतर के चलते औद्योगिक, वाणिज्यिक और संस्थागत उपभोक्ताओं का खुदरा दुकानों की ओर रुख करना है।”

इस अधिसूचना में खुदरा दुकानों पर डीजल की बिक्री को वाहनों के ईंधन टैंक या पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) द्वारा अनुमोदित कंटेनरों तक सीमित कर दिया गया है, और प्रति ग्राहक या वाहन प्रति दिन खरीद की सीमा 200 लीटर तय की गई है। आदेश में कहा गया है कि ऐसे डीजल को पुनः बेचा नहीं जा सकता।

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