अलीगढ़। शहर में प्रतिबंधित टिंचर, जिंजर (कुट्टू) आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से विभिन्न स्थानों पर बिक्री हो रही हैं। जिसकी 1 दर्जन से अधिक दुकानें संचालित है। जिसमें मुख्य मार्गो पर सासनी गेट, पुराना हाथरस अड्डा, सराय हकीम, रसल गंज, छरा अड्डा और खैर रोड पर आधा दर्जन से अधिक दुकानें संचालित है। इनको रोकने का प्रयास न तो आबकारी विभाग करता है न ही पुलिस विभाग। दोनों ही विभाग एक दूसरे पर कह कर पल्ला झाड़ लेते हैं और इसके बदले मोटी रकम लेते हैं।
हालांकि एक हफ्ते पहले जब आबकारी विभाग ने खैर अड्डे पर निरीक्षण किया तो बताया गया कि सब ठीक है जबकि यहां सबसे ज्यादा दुकानें संचालित है। इन दुकानों की खास पहचान यह है कि औषधि विभाग से ड्रग लाइसेंस प्राप्त कर लिया जाता है परंतु इन दुकानों पर दवा की जगह यह नशीले पदार्थ मिलते हैं। क्या अलीगढ़ के जिलाधिकारी को इस बात की जानकारी नहीं की शहर में प्रतिबंधित यह नशीले पदार्थ बिक रहे हैं और कोई कार्यवाही नहीं हो रही। वही दुकानदारों का तबी जुबान से कहना है कि बिक्री के बदले इलाका पुलिस और आबकारी विभाग को महीने दारी पहुचाई जाती हैं। अलीगढ़ के पुलिस कप्तान और जिलाधिकारी अगर मिल कर अभियान चलाए तो शायद इसकी बिक्री पर विराम लग सकता हैं।





