मिठौरा (महराजगंज)। महराजगंज में डीजल वितरण व्यवस्था को पारदर्शी, नियंत्रित और किसानों के हित में बनाए रखने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। मंगलवार को सदर उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने चौक नगर पंचायत स्थित निचलौल मुख्य मार्ग पर संचालित एचपी पेट्रोल पंप पर औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान चौक थाना प्रभारी मनीष कुमार पटेल मय पुलिस फोर्स तथा सप्लाई इंस्पेक्टर की संयुक्त टीम भी मौके पर मौजूद रही।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने पेट्रोल पंप परिसर में बिना नंबर प्लेट के खड़े तीन ट्रैक्टरों को संदिग्ध परिस्थिति में पाया। मामले को गंभीरता से लेते हुए तीनों ट्रैक्टरों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए चौक पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के पेट्रोल पंप संचालकों और संदिग्ध डीजल कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
औचक निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर जितेंद्र कुमार ने पेट्रोल पंप संचालक तबरेज खान को डीजल वितरण को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि डिब्बे में अधिकतम एक हजार रुपये तक ही डीजल दिया जाए, जबकि ट्रैक्टर के इंजन में अधिकतम ढाई हजार रुपये तक का डीजल ही भरा जाए। साथ ही बिना आधार कार्ड के किसी भी व्यक्ति को डीजल उपलब्ध न कराने के निर्देश दिए गए।
एसडीएम ने यह भी निर्देशित किया कि पेट्रोल पंप पर स्थानीय किसानों को प्राथमिकता दी जाए तथा सात किलोमीटर के दायरे में आने वाले किसानों को ही डीजल उपलब्ध कराया जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंद किसानों को राहत मिल सके और डीजल की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उसे सीज तक किया जा सकता है। प्रशासन की इस सख्ती के बाद क्षेत्र के पेट्रोल पंप संचालकों में बेचैनी का माहौल बना हुआ है।
इस संबंध में सदर उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को डीजल की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि दूर-दराज से आने वाले लोगों को डीजल देने के मामलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





