हमीरपुर। कलेक्ट्रेट में सोमवार को कांग्रेसियों ने पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों तथा तेल संकट को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां और बैनर लिए हुए थे। तख्तियों पर “महंगाई डायन खाए जात है”, “भारत जोड़ो-भारत जोड़ो, महंगाई से नाता तोड़ो” और “अच्छे दिन चले गए, महंगाई के दिन आ गए” जैसे नारे लिखे हुए थे। उन्होंने इन नारों के साथ केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध जताया।
प्रदर्शन में शामिल हुये जिलाध्यक्ष गोविंद अहिरवार, संजयवीर लोधी, देवेंद्र मोहन चौबे, दिनेश सिंह, आराधना प्रकाश, नीलम निषाद ने कहा कि गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर दैनिक वस्तुओं पर पड़ रहा है। इस महंगाई के कारण आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है। सरकार आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।
मीडिया प्रभारी उज्ज्वला पाठक ने कहा कि पेट्रोल और डीज़ल की बढ़ी कीमतों से आम जनमानस परेशान है। ईंधन महंगा होने से खाने-पीने की वस्तुओं सहित अन्य जरूरी सामानों के दाम भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मध्य एशिया में चल रहे संकट को लेकर चेतावनी दी थी, तब केंद्र सरकार राज्यों के चुनाव में व्यस्त थी।
सरकार 4 मई तक देश को यह भरोसा दिलाती रही कि तेल संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन अब प्रधानमंत्री द्वारा पेट्रोल-डीज़ल का कम उपयोग करने और तेल बचाने की अपील की जा रही है। यह सब करके जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी से छात्र और युवा दोनों परेशान हैं। सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि यदि सरकार जनता के हित में काम नहीं कर सकती तो उसे इस्तीफा दे देना चाहिए।





