गोण्डा। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जनपद के समस्त उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों के साथ राजस्व वादों एवं अन्य राजस्व कार्यों की गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित राजस्व वादों की स्थिति का आकलन करते हुए उनके शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण को सुनिश्चित करना रहा। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने तहसीलवार प्रगति का विस्तृत निरीक्षण किया। कुछ स्थानों पर अपेक्षित प्रगति न मिलने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने न्यायालयों में अधिक से अधिक वादों की सुनवाई करें और नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसी भी वाद को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा वादकारियों को समय पर न्याय उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व न्यायालयों में लंबित मामले सीधे आमजन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को वादकारियों की बात गंभीरता से सुनने तथा पारदर्शी प्रक्रिया के तहत निर्णय लेने के निर्देश दिए। बैठक में राजस्व कार्यों में तेजी लाने हेतु नियमित समीक्षा करने और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी बनाए रखने तथा लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि आमजन को समयबद्ध एवं निष्पक्ष न्याय मिल सके। बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, उपजिलाधिकारी करनैलगंज सुश्री नेहा मिश्रा, उपजिलाधिकारी सदर श्री जितेंद्र गौतम, तहसीलदार सदर मनीष कुमार, तहसीलदार तरबगंज श्री आशुतोष पांडेय सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।





