कई लोगों की रात 3 बजे नींद खुल जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो इसके पीछे छिपा कारण समझना जरूरी है
क्या आपके साथ भी ऐसा होता कि रात के 3 बजे अचानक आपकी नींद खुल जाती है? अगर हां, तो आपको बता दें ऐसा दुनिया भर में कई लोगों के साथ होता है। आमतौर पर लोग इसे किसी पैरानॉर्मल या भूत-प्रेत से जुड़ी घटना से जोड़कर देखते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इसके पीछे साइंस छिपा है।
जी हां, रात को 3-4 बजे नींद टूटने के पीछे आपके शरीर का एक केमिकल जिम्मेदार है, जिसके बारे में डॉ. आमिर खान (NHS जनर्ल प्रैक्टिशनर) ने बताया। आइए जानें इस बारे में।
कोर्टिसोल का बढ़ना और घटना
हमारे शरीर के भीतर एक घड़ी होती है जिसे सर्कैडियन रिदम कहते हैं। यह घड़ी हमारे सोने और जागने के साइकिल को कंट्रोल करती है। इस साइकिल में सबसे अहम भूमिका कोर्टिसोल हार्मोन की होती है, जिसे अक्सर स्ट्रेस हार्मोन भी कहा जाता है।
डॉक्टरों के अनुसार, कोर्टिसोल का स्तर पूरे दिन एक समान नहीं रहता। इसमें कई बार उतार चढ़ाव होते हैं। कोर्टिसोल का स्तर सबसे ज्यादा सुबह के समय होता है, जो हमें ज्यादा अलर्ट रहने और जगाने में मदद करता है। वहीं रात के समय इसका स्तर धीरे-धीरे गिरना शुरू हो जाता है, ताकि आपकी बॉडी रिलैक्स कर सके और आपको अच्छी नींद आए।
रात के 3 बजे का साइंस
आमतौर पर, शरीर में कोर्टिसोल का स्तर सुबह के 3 से 4 बजे के बीच धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो जाता है। यह शरीर को जगाने की एक प्रक्रिया है। लेकिन समस्या तब होती है जब आपका बेसलाइन कोर्टिसोल पहले से ही ज्यादा हो। यानी अगर आप दिन भर तनाव में रहते हैं, तो रात में आपका कोर्टिसोल स्तर उतना नहीं गिरता जितना गिरना चाहिए। जब 3 बजे शरीर कोर्टिसोल को थोड़ा और बढ़ाता है, तो इसका स्तर ज्यादा हो जाता है और शरीर को अलर्ट मोड पर ले आता है। इसके कारण आपकी नींद टूट जाती है।
फाइट या फ्लाइट मोड
जब हम स्ट्रेस में होते हैं, तो हमारा नर्वस सिस्टम फाइट या फ्लाइट मोड में रहता है। ऐसे में शरीर गहरी नींद से बाहर निकल जाता है। साथ ही, देर रात तक स्मार्टफोन या लैपटॉप का इस्तेमाल या कैफीन भी कोर्टिसोल के साइकिल को बिगाड़ देता है।





