Wednesday, April 15, 2026
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‘मैं खुद को नहीं बचा पाई’, वसुंधरा राजे के बयान पर राजस्थान में सियासी घमासान; अखिलेश-गहलोत ने ली चुटकी

वसुंधरा राजे के ‘सब कुछ खो दिया’ बयान ने राजस्थान की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष ने इसे मुख्यमंत्री पद न मिलने से जोड़ा, जिस पर अखिलेश यादव और अशोक गहलोत ने भी चुटकी ली।

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने एक जनसभा के दौरान “अपना सब कुछ खो देने” और “खुद को न बचा पाने” वाली टिप्पणी की है। वसुंधरा राजे के इस ताजा बयान ने राज्य के सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।

एक ओर जहां विपक्ष वसुंधरा राजे के बयान को मुख्यमंत्री पद न मिलने से जोड़कर देख रहा है, तो दूसरी ओर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के एक मारवाड़ी दोहे ने इस विवाद में ‘मोदी’ नाम का तड़का लगाकर चर्चा को और गर्म कर दिया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ता देख वसुंधरा राजे ने सफाई देते हुए इसे विरोधियों की साजिश करार दिया है।

क्या बोली थी वसुंधरा राजे?

दरअसल, गुरुवार को वसुंधरा राजे अपने बेटे दुष्यंत सिंह के साथ मनोहर थाना में एक जनसंपर्क यात्रा में हिस्सा ले रही थीं। मंच से जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के साथ अपने जुड़ाव पर बात की और कहा, “आप लोग अपना प्यार और मुझ पर अपना भरोसा बनाए रखें। ये छोटी-मोटी दिक्कतें तो होती ही रहेंगी किसी का घर नहीं बन पा रहा, किसी की पेंशन नहीं मिल रही, किसी को मुआवजा नहीं मिला।

किसी और को मिल गया, मुझे नहीं मिला, ऐसा भी होता है। यही दुनिया है, यह ऐसे ही चलती है। लेकिन, हम सब मिलकर इन दिक्कतों को सुलझाने की कोशिश करेंगे।”

मंच से संबोधित करते हुए वसुंधरा राजे ने आगे कहा, “मैंने कहा है, मेरे साथ भी ऐसा होता है, मैं तो अपने लिए भी कुछ नहीं कर पाई। मैंने अपना सब कुछ खो दिया। मैं खुद को भी नहीं बचा पाई।”

उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया कि यह बयान मुख्यमंत्री का पद न मिलने पर उनके दर्द को जाहिर करता है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

जब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जयपुर आए, तो एक पत्रकार ने उनसे राजे के इस बयान के बारे में पूछा। जिस पर अखिलेश यादव ने कहा, “मैं अपनी राय बताऊं- अगर वसुंधरा जी मुख्यमंत्री होतीं, तो शायद और बेहतर काम होता।” इस दौरान राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अखिलेश यादव की बातों पर सहमति जताई।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दिया जवाब

शनिवार को बीकानेर दौरे के दौरान, भाजपा राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने जवाब देते हुए कहा, “वसुंधरा जी के सारे काम हो रहे हैं, वह पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। वह खुद को कैसे नहीं बचा पाईं? हर बार कोई एक ही व्यक्ति मुख्यमंत्री नहीं बन सकता।”

राठौर ने मारवाड़ी में एक दोहा सुनाया- “चिट्ठी (चपाती) चूर-चूर करे, मांगे दाल और घी। मोदी से कौन झगड़ा करे, चिट्ठी खाने नाल।”

दोहे का मतलब है कि अगर आपको खाने के लिए रोटी या चपाती का सूखा टुकड़ा मिले, तो उस पर खूब सारी दाल और घी डालकर खाएं। आखिर, आप हमेशा ‘मोदी’ से नहीं लड़ सकते।

प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स और एनालिस्ट्स को हैरानी हुई कि क्या मोदी पर मजाक BJP के बड़े नेताओं से जुड़ा कोई बड़ा पॉलिटिकल मैसेज था।

वसुंधरा राजे ने दी सफाई

विवाद बढ़ता देख वसुंधरा राजे ने सफाई देते हुए इसे विपक्ष का साजिश बताया। उन्होंने कहा, “मेरे लिए, लोगों के प्यार से बड़ा कोई पद नहीं है, जो मुझे सबसे ज्यादा मिल रहा है।” उन्होंने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र से होकर जाने वाली एक फोरलेन सड़क बनाई जा रही और लोग उसके रास्ते के बदलाव की मांग कर रहे हैं।

जिसको लेकर मैनें एक उदाहरण देते हुए कहा कि जब धौलपुर में उनके घर के सामने से एक नेशनल हाईवे गुजरा था, तो उन्हें भी अपनी चारदीवारी पीछे हटानी पड़ी थी। नियमों की वजह से, वह अपना खुद का घर भी नहीं बचा पाई थीं, तो वह किसी और का घर कैसे बचा सकती थीं?

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