अलीगढ़: उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन एवं जिलाधिकारी संजीव रंजन के निर्देश पर जिले में उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की सघन निगरानी के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत जिले में स्थित कम्पनी वेयरहाउस, गोदामों, सहकारिता विभाग के गोदामों, थोक उर्वरक विक्रेताओं तथा फुटकर उर्वरक विक्रेताओं के गोदामों में उपलब्ध भौतिक स्टॉक का शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाएगा।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार तहसील स्तर पर संबंधित तहसीलदार, जिला कृषि अधिकारी और सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता की संयुक्त टीम द्वारा कम्पनी वेयरहाउस, सहकारिता विभाग एवं थोक उर्वरक विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। वहीं फुटकर उर्वरक विक्रेताओं के गोदामों में उपलब्ध स्टॉक का सत्यापन पीओएस मशीन में प्रदर्शित स्टॉक मात्रा से मिलान करते हुए किया जाएगा। इस कार्य में सहायक विकास अधिकारी (कृषि), सहकारिता, कृषि रक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ संबंधित न्याय पंचायत के प्राविधिक सहायक ग्रुप-सी एवं नामित नोडल अधिकारी भी शामिल रहेंगे।
डीएम ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान यदि उर्वरकों के भौतिक स्टॉक एवं पीओएस मशीन में प्रदर्शित स्टॉक में किसी प्रकार की कमी अथवा भिन्नता पाई जाती है, तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी अनियमितता के लिए संबंधित उर्वरक विक्रेता स्वयं उत्तरदायी होगा। जिला स्तर पर यह संपूर्ण सत्यापन अभियान 25 मार्च 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।





