केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश को 7932 किलोलीटर केरोसिन आवंटित किया है, जिसे 45 दिन में उठाना होगा। एलपीजी आपूर्ति चुनौतियों के बीच यह वैकल्पिक ईंधन है।
लखनऊ। एलपीजी आपूर्ति को लेकर पैदा हुई चुनौतियों के बीच अब केरोसिन वितरण कर दवाब कम करने की तैयारी हाे रही है। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राज्यों को उच्च गुणवत्तायुक्त केरोसिन तेल (एसकेओ) का आवंटन किया है।
इसमें उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा 7,932 किलोलीटर केरोसिन दिया गया है। हालांकि इसके वितरण की व्यवस्था करना आसान नहीं, क्योंकि वर्ष 2020 में केरोसिन वितरण बंद होने के बाद इसका कोई भी डिपो संचालित नही है। ऐसे में खाद्य एवं रसद विभाग फिलहाल इसकी योजना बना रहा है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने केरोसिन आवंटन के संबंध में भेजे पत्र में कहा है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने वाली परिस्थितियों को देखते हुए खाना पकाने और प्रकाश व्यवस्था के वैकल्पिक साधन के रूप में केरोसिन की उपलब्धता कराई गई है और 45 दिन में इसका उठान करने को कहा गया है। वितरण के लिए प्रत्येक जिले में एक या दो स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि केरोसिन का वितरण कार्ड धारकों को ही किया जाएगा और क्या इसके लिए पुराना फार्मूला लागू होगा। पीडीएस के तहत पूर्व में राशन कार्ड धारकों को केरोसिन का वितरण किया जाता था। इसमें अंत्योदय कार्ड धारकों को तीन लीटर और पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को एक लीटर केरोसिन दिया जाता था।
वहीं, वितरण बंद होने के बाद जिलों में स्थापित लगभग सभी डिपो बंद हो चुके हैं। ऐसे में विभाग के सामने केंद्र से केरोसिन के उठान के बाद स्टाक रखने और वितरण की व्यवस्था बनाने की चुनौती है।
माना जा रहा है कि वितरण के लिए बीपीएल परिवारों और ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा सकती है। मामले में खाद एवं रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने बताया कि इस संबंध में जल्द ही सरकार दिशा-निर्देश जारी करेगी।
इन राज्यों को हुआ सबसे ज्यादा आवंटन
राज्य किलोलीटर
उत्तर प्रदेश 7,932
बिहार 4,452
पश्चिम बंगाल 4,164
महाराष्ट्र 3,744
तमिलनाडु 3,228





