Tuesday, April 21, 2026
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हाई बीपी और शुगर वालों के लिए ‘कीटो’ क्यों है सबसे बेस्ट? वैज्ञानिकों ने बताई वजह

एक स्टडी के अनुसार, लो फैट के बजाय हाई फैट वाली कीटो डाइट बीपी के मरीजों के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकती है।

क्या आप भी हाई ब्लड शुगर से परेशान हैं और खुद को फिट रखने के लिए खूब एक्सरसाइज करते हैं? अगर हां, तो आपके लिए एक बेहद काम की जानकारी है। आमतौर पर माना जाता है कि कसरत के साथ कम फैट वाला खाना खाना चाहिए, लेकिन एक नई रिसर्च कुछ और ही कहती है। अगर आप हाई ब्लड शुगर के मरीज हैं, तो व्यायाम का पूरा लाभ उठाने के लिए कम के बजाय ज्यादा फैट वाला आहार लेना आपके लिए कहीं अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है।

एक्सरसाइज के फायदे छीन सकता है ‘हाइपरग्लाइसेमिया’

हम सभी जानते हैं कि नियमित रूप से की गई शारीरिक गतिविधि हमारे वजन को नियंत्रित करती है, दिल को मजबूत बनाती है और मांसपेशियों का निर्माण करती है। व्यायाम करने से हमारे शरीर की ऑक्सीजन सोखने और उसका उपयोग करने की क्षमता में सुधार होता है, जो लंबे और स्वस्थ जीवन का एक बहुत बड़ा संकेत है।

हालांकि, समस्या यह है कि जिन लोगों को हाई ब्लड शुगर (जिसे हाइपरग्लाइसेमिया भी कहा जाता है) की शिकायत होती है, उन्हें अक्सर कसरत के ये सारे फायदे नहीं मिल पाते। खासकर व्यायाम के दौरान उनके शरीर की ऑक्सीजन ग्रहण करने की क्षमता बेहतर नहीं हो पाती। इसके अलावा, हाई ब्लड शुगर का सीधा संबंध दिल और किडनी की बीमारियों के बढ़ते खतरे से है, और यह शारीरिक गतिविधि के प्रति शरीर की मेटाबॉलिक प्रतिक्रिया को भी बाधित कर देता है।

हाई बीपी वालों के लिए ‘कीटो डाइट’ बनी गेम-चेंजर

इसी परेशानी का एक शानदार समाधान नए अध्ययन में सामने आया है। ‘साइंस डेली’ की रिपोर्ट के अनुसार, वर्जीनिया टेक में व्यायाम चिकित्सा विज्ञानी सारा लेस्सार्ड के नेतृत्व में एक अहम शोध किया गया है, जिसके नतीजे ‘नेचर कम्युनिकेशंस’ पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं। इस अध्ययन से पता चला है कि अगर आहार में सही बदलाव किया जाए, तो कसरत से मिलने वाले फायदों को वापस पाया जा सकता है।

वैज्ञानिकों ने यह शोध चूहों पर किया। हाई ब्लड शुगर वाले चूहों को कीटो डाइट दी गई। इस डाइट की खासियत यह होती है कि इसमें फैट की मात्रा अधिक होती है और कार्बोहाइड्रेट बहुत ही कम होता है। नतीजे बहुत ही सकारात्मक रहे, मात्र एक सप्ताह के अंदर ही चूहों का ब्लड शुगर स्तर बिल्कुल सामान्य हो गया। इतना ही नहीं, कसरत के प्रति उनकी मांसपेशियों की प्रतिक्रिया में भी बहुत शानदार सुधार देखने को मिला।

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