Friday, March 6, 2026
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इटवा क्षेत्र के गंगवल में निःशुल्क शिविर: मैक्स चैरिटेबल ट्रस्ट ने प्राकृतिक चिकित्सा पर दिया जोर

दर्जनों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दिये जरूरी टिप्स

इटवा सिद्धार्थनगर। इटवा तहसील क्षेत्र में क्षेत्र स्थित ग्राम गंगवल में मैक्स चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा एक दिवसीय निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर को सफल बनाने में लोगों ने विशेष सहयोग दिया।

शिविर में डॉ. अफरोज खान (फिजीशियन एवं सर्जन) ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने मानव जीवन में प्रकृति के महत्व पर प्रकाश डाला और चिंता व्यक्त की कि लोग प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं।

डॉ. अफरोज ने बताया कि आजकल फसलों में अत्यधिक यूरिया, कीटनाशक और खरपतवारनाशक दवाओं का उपयोग हो रहा है। ये रसायन पौधों के तनों में चले जाते हैं और फिर पशुओं के चारे, दूध, सब्जियों और दाल-अनाज के माध्यम से हमारे शरीर में पहुंचते हैं। उन्होंने जोर दिया कि यही दूषित भोजन बीमारियों की जड़ है और इस कारण हम निरोग नहीं रह सकते। उन्होंने किसानों से देशी उपाय अपनाने और रासायनिक दवाओं का उपयोग न करने की अपील की।

डॉ. अफरोज खान (फिजीशियन एवं सर्जन) ने ग्रामीणों को जीवनशैली सुधार, नियमित जांच तथा समय पर इलाज कराने के महत्व के बारे में बताया। मैक्स चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. अफरोज खान ने बताया कि संस्था का उद्देश्य ग्रामीण एवं जरूरतमंद लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है और भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।

शिविर में डॉ. रूखसाना खान (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ) ने अधिक मसाले और तेल का सेवन न करने की सलाह दी। उन्होंने लोगों को अपने खेतों में बिना यूरिया और जहरीली दवाओं के सब्जियां उगाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कच्ची सब्जियां खाने की आदत डालने पर भी जोर दिया, जैसे खीरा, मूली, प्याज, गाजर, चुकंदर, हरी मिर्च, टमाटर, ककड़ी और नींबू का सलाद।

शिविर में उपस्थित जनरल सर्जन डॉ. एस. एन. सोनकर ने पशुओं के प्राकृतिक खान-पान का उदाहरण देते हुए कहा कि पशु प्रकृति द्वारा निर्मित भोजन खाते हैं और नाममात्र को बीमार पड़ते हैं। इसके विपरीत, मनुष्य अपने स्वाद के लिए भोजन को सड़ा-गलाकर कई प्रकार से बनाते हैं, जिससे वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाता है।

डॉ. शाक्य ने कहा कि हम स्वयं प्रकृति से खिलवाड़ कर रहे हैं और बीमार होकर डॉक्टरों को पैसा दे रहे हैं। उन्होंने लोगों से पूर्ण पालन न सही, कुछ हद तक प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया ताकि वे कम बीमार पड़ें। इस अवसर पर ईसीजी टेक्नीशियन शीला चौधरी, फार्मासिस्ट अजीत यादव, सहायक रामप्रकाश गौतम, समद चौधरी तथा कैंप प्रभारी जुनैद अहमद सहित अन्य सहयोगी उपस्थित रहे।

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