जनेटा शरीफ मे परम्परागत तरीके से शांति पूर्वक किया गया उर्स का आयोजन
संभल। आस्ताना ए आलिया कादरिया चिश्तिया मौअज्ज़िमीया नौशाहिया जनेटा शरीफ मे 27 नवम्बर से चले उर्स का समापन रविवार 30 नवम्बर को बड़े कुल की रस्म के साथ हो गया।
बाद नमाज़े फज़र खत्म कलाम पाक से हुआ। इसके बाद मे 10 बजे नात ख्वानी हुई दोपहर एक बजे परम्परागत रूप से ग्राम बैटले की चादर देश पेश की गई। आने वाले मेहमानों व जनता के लिए लंगर का आयोजन किया गया। इसी दौरान मुख्य उर्सगाह मे नातओ मनकबत व कव्वालियों का सिलसिला चलता रहा। दोपहर तीन बले उर्स की अंतिम व सबसे एहम रस्म आयोजित की गई।
इसमे बड़े कुल शरीफ मे सभी वुज़ुर्गो के कुल साथ विशेषकर हज़रत मौअज्ज़म मियां शाह रह0 कुल शरीफ आयोजित किया गया। अंमत मे सज्जादानशींन हज़रत सैयद डॉ0 शाहिद मियां कादरी नौशाही ने दुआ कराई। मुल्क क्षेत्र मे अमन शांति की दुआ के लिए सैकड़ों हाथ उठे। शाहिद मियां ने कहा कि खानकाहों और दरगाहों से इंसानियत और मौहब्बत का पैग़ाम जारी होता है।
मकसद लोगों की खिदमत करना और कमज़ोरो व गरीबों की मदद करना। उर्स मे महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखण्ड, दिल्ली से जायरीन आये। उर्स हज़रत सैयद शाहिद मियां सज्जादानशींन व मुतवल्ली की सरपरस्ती मे आयोजित किया गया। उर्स की रस्मों की देखरेख व प्रबंध साहिबे सज्जादगाान डॉ0 सैयद अकरम मियां, सैयद अफज़ल मियां, सैयद आमिर मियां व सैयद अजमल मियां ने किया।





