Sunday, December 7, 2025
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना -भ्रष्टाचार पर अंकुश को कराया जा रहा लाभार्थियों का स्थलीय सत्यापन

308है लक्ष्य, साढ़े चार सौ से अधिक आवेदन आए

जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत सामूहिक विवाह का आयोजन एस आई आर के कारण नहीं हो पा रहा है। सामूहिक विवाह की तिथि के निर्धारण के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी की ओर से तैयार की गई पत्रावली उच्चाधिकारियों के पास लम्बित है। सामूहिक विवाह के लिए साढ़े चार सौ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।सी डी ओ के निर्देश पर विकास खंड वार अन्य विभागों के अधिकारी लाभार्थियों के घर जाकर स्थलीय सत्यापन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत शासन की ओर से 308शादियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साढ़े चार सौ से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। पूर्व में हुई गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए इस बार शासन के निर्देश पर योजना से लाभान्वित होने वाले लाभार्थियों का स्थलीय सत्यापन किया जा रहा है।

सूत्रों का कहना है कि पूर्व के वर्षों में सहायक विकास अधिकारी -समाज कल्याण की ओर से कमाई के चक्कर में ऐसे तमाम लाभार्थियों के सामूहिक विवाह कराए गए हैं जिनकी शादियां पहले हो चुकी थीं। सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों के आनलाइन भुगतान और उपहार के लिए खरीदे गए सामानों में कमीशनखोरी का धंधा तेजी से चलता रहा है।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मुख्य मंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत हुए भ्रष्टाचार की खबरें अखबारों में छप चुकी हैं। शासन ने इसे गंभीरता से लिया है और इस बार योजना का लाभ देने के पहले लाभार्थियों का स्थलीय सत्यापन कराया जा रहा है। भादर संवाद के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारी शिव कुमार यादव ने सोमवार को स्वयं और अपने स्टाफ को लगाकर लाभार्थियों का स्थलीय सत्यापन कराया।

लाभार्थियों का स्थलीय सत्यापन कराया जा रहा है।एस आई आर के कारण अभी शादी की डेट नहीं तय हुई है।एस आई आर के बाद सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा।

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