हमीरपुर, उत्तर प्रदेश: राठ कस्बे के औड़ेरा मार्ग पर लोक निर्माण विभाग (खंड 2) द्वारा चार माह पूर्व कराए गए सड़क नवीनीकरण का कार्य गुणवत्ता के अभाव में मौत के गड्ढों में तब्दील हो गया है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। मात्र दो किलोमीटर की इस सड़क और दो पुलियों के नवीनीकरण में मानकों को ताक पर रखकर कार्य किया गया, जिसके चलते पहली बारिश में ही सड़क उखड़ गई और गड्ढों में बदल गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण में जल्दबाजी और लापरवाही बरती गई। कार्यदायी संस्था ने लागत का कोई बोर्ड भी नहीं लगाया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहिया वाहन चालक अक्सर गड्ढों और धंसी पुलियों के कारण हादसों का शिकार हो रहे हैं।
ग्रामीण धीरेन्द्र, विजय यादव, धर्मेन्द्र, रामशरण, अवधेश, कौशल, महेश, संजय और अखिलेश ने विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश सरकार के गड्ढामुक्त सड़कों के दावों के बावजूद इस मार्ग की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि सड़क निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित हो और जनता को राहत मिले





