संभल अवधनामा मोहर्रम के चौथे दिन अजॉदाराने मजलूमे कर्बला ने हबीब इब्ने मजाहिर का शबीहे ताबूत बरामद करके मातम व नोहेख्वानी बरपा की नूरियो सराय स्थित इमामबाडा बाबुल हवाईज मे मजलिस की गयी बाद मजलिस के कर्बला मे शहीद हुये हजरत इमाम हुसैन के बचपन के दोस्त हबीब इब्ने मजाहिर की याद मे शबीहे ताबूत बरामद किया गया 90 साल के हबीब इब्ने मजाहिर को इमाम हुसैन ने कर्बला बुलाया था
इमाम हुसैन के बुलावे पर हबीब इब्ने मजाहिर कर्बला पहुँचे थे और धर्मयुद्ध मे शहीद हो गये थे मोहर्रम के चौथे दिन हबीब इब्ने मजाहिर की याद मे मातम किया जाता है इस से पहले मजलिस को मौलाना हैदर रजा ने खि़ताब किया मौलाना ने कहा कि इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को कभी भुलाया नही जा सकता है
कर्बला की दर्दनाक घटना की याद मोहर्रम का चांद नजर आने के साथ ही ताजा हो जाती है कर्बला के मैदान मे नबी के नाती को कत्ल कर दिया गया हर साल मोहर्रम का महीना शुरू होते ही अजॉदारी करके हुसैन के कातिलो को बेनकाब किया जाता.





