जलालपुर अम्बेडकरनगर । मदरसा इमामिया जाफरिया जाफराबाद के पुराने छात्रों की तरफ से दिवंगत सहपाठियों की स्मृति में नगर के जाफराबाद स्थित बहिश्त-ए-वफा में आयोजित मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना सैयद नामदार अब्बास रिजवी ने कहा कि ईश्वरीय शक्ति सर्वोपरि है।मौत और हयात अल्लाह के नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का महत्व हर दौर में रहा है। मोहम्मद साहब ने कहा कि मैं शहर -ए- इल्म हूं। और अली उसके दरवाजा हैं। उन्होंने हज़रत अली को इल्म का पैकर बताते हुए कहा कि शिक्षा मानव जीवन के लिए वरदान है । मौलाना ने मजलिस के अंत में हज़रत अली अकबर के मसाएब बयान किया तो मोमनीन अशक बार हो रहा। मजलिस से पूर्व अंसर जलालपूरी ने पेश ख्वानी किया। सुरूर व उनके हमनवां ने मर्सिया ख्वानी पेश किया।
मजलिस में मौलाना मेहदी हसन, मौलाना अकबर अली, मौलाना रईस हैदर, मौलाना कर्रार हुसैन तुराबी, मौलाना जैगम अब्बास बाकरी,मौलाना मीसम रज़ा, इब्ने अली जाफरी,अकबर एजाज, मौलाना रमजान अली मास्टर शरीफ अहमद आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम के संयोजक मोहम्मद अब्दुल्ला ने बताया विगत माह मोमिन हसन,हैदर मेंहदी, मेजबान असगर, फात्मा जहरा पुत्री नज़र अब्बास, फात्मा जहरा पुत्री कल्बे हसन कम उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह दिया था। ऐसे में यह मजलिस दिवंगत सहपाठियों के ईसाल -ए-सवाब के लिए आयोजित की गई। मास्टर कुमैल अब्बास ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में अली हेलाल, मोहम्मद अकबर, नदीम, जाहिद, तुफैल, मोहम्मद मेंहदी मोहम्मद फैजान, मोहम्मद हानी, मोहम्मद फैजी एडवोकेट, आदि सक्रीय रहे।





