लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेष प्रवक्ता सुरेन्द्रनाथ त्रिवेदी ने कहा कि सम्पूर्ण उ0प्र0 के किसान दैवीय आपदा एवं प्रदेष सरकार की अनदेखी का षिकार हो रहे हैं और प्रदेष के मुख्यमंत्री देष के प्रधानमंत्री के पदचिन्हों पर चलकर त्रिपुरा उत्तराखण्ड कर्नाटक आदि अन्य प्रदेषों में भ्रमण मंे व्यस्त है। प्रदेष में सैकडों बीघा रबी की फसल आग की चपेट में आकर जल चुकी है जिसका मूल्यांकन सम्बन्धित जिला प्रषासन से अब तक नहीं कराया गया है और न ही तत्कालिक मुआवजा वितरित किया गया।
श्री त्रिवेदी ने कहा कि गेहूं खरीद के केन्द्रों पर बिचैलियों का बोलबाला है और किसानों का गेहूं आलू की तरह ही कम कीमत पर बिक रहा है और सरकारी प्रबन्धन केवल झूठे दावे करने में व्यस्त है। गन्ना किसानों की स्थिति वर्तमान सरकार में दयनीय होती जा रही है क्योंकि वर्तमान पेराई सत्र का ही लगभग 11000 करोड रूपया गन्ना मूल्य बकाया हो चुका है जिसे शासन की अनदेखी के कारण भुगतान होने की सम्भावना दूर दूर तक नजर नहीं आ रही है। गन्ना किसान की मजबूरी होती है कि वह अपने खेतो से गन्ना काट कर मिलों तक पहुंचा दे और खेत को आगामी फसल के लिए खाली करे। यह कहना अतिषयोक्ति न होगा कि गन्ना किसानों की इसी मजबूरी का फायदा मिल मालिक और सरकार आपसी सांठगांठ के द्वारा उठा रहे हैं।

रालोद प्रवक्ता ने कहा कि कृषि प्रधान देष में किसानों का ही उत्पीडन हो रहा है। राष्ट्रीय लोकदल किसान मसीहा चै0 चरण सिंह की नीतियों के आधार पर लगातार किसानों की लडाई लडता रहा है और राष्ट्रीय अध्यक्ष चै0 अजित सिंह ने अपने सम्पूर्ण जीवन में केन्द्रीय मंत्रिमण्डल के विभिन्न पदों पर रहते हुये कभी भी किसानों की अनदेखी बर्दाष्त नहीं किया भले ही उन्हें मंत्रिमण्डल से त्याग पत्र क्यों न देना पडा हो। गन्ना किसानों के बकाया का भुगतान करने की व्यवस्था यदि प्रदेष सरकार शीघ्र नहीं करती तो राष्ट्रीय लोकदल सम्पूर्ण उ0प्र0 में धरना प्रदर्षन करने के लिए बाध्य होगा।

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