निशा सिंह चौहान बन सकती हैं मलिहाबाद ब्लाक प्रमुख
12 जून को होगा फ्लोर टेस्ट
मलिहाबाद,लखनऊ
मौजूदा ब्लाक प्रमुख मलिहाबाद खुदादाद खां की कार्यशैली से नाराज बीडीसी सदस्यों ने सरकार बदलते ही अपने सुर बदल लिये इसी क्रम में विगत माह के प्रथम सप्ताह में कार्यवाहक जिलाधिकारी प्रशांत शर्मा के समक्ष 90 में से 65 बीडीसी ने शपथ पत्र देकर अविश्वास व्यक्त किया था। बाद में वर्तमान जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा विगत 26 मई को शपथ पत्र दे चुके समस्त बीडीसी सदस्यों को अपने कार्यालय में बुलाकर एक एक सदस्यों से अलग अलग वार्ता करके उनका अभिमत लेकर 12 जून को फ्लोर टेस्ट की तिथि निश्चित की थी।
ज्ञातव्य है कि वर्तमान ब्लाक प्रमुख खुदादाद खां वार्ड संख्या 17 मो0नगर,रहमतनगर से 545 मत पाकर बीडीसी सदस्य निर्वाचित हुए थे वहीं अविश्वास प्रस्ताव लाने वाली निशा सिंह चौहान वार्ड संख्या 82 खालिसपुर प्रथम से 254 मत पाकर बीडीसी बनीं थीं। निशा सिंह चौहान कालीचरन महाविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष अनिल सिंह चौहान की धर्म पत्नी हैं। अनिल सिंह चौहान विगत विधान सभा चुनाव में बीएसपी प्रत्याशी के पक्ष में थे परन्तु चुनाव के अन्तिम दिनों में अनिल दिनों में अनिल सिंह चौहान भाजपा में शामिल हो गये थे। इसी बात को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष रामनिवास यादव ने सांसद कौशल किशोर द्वारा अनिल सिंह चौहान को अपने स्तर से भाजपा पार्टी में शामिल करने से नाराज होकर कौशल किशोर से कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था।
साथ ही माल ब्लाक प्रमुख राजकुमारी यादव के विरूद्व ससपन निवासी दिलावर खां की पत्नी श्रीमती खातूना को भाजपा प्रत्याशी घोषित करने के लिए भी स्पष्टीकरण मांगा था। जिस पर कौशल किशोर ने रामनिवास यादव पर सपाई प्रमुखों की कुर्सी बचाने के लिए आरोपित किया था। इस सबके बीच 9 जून को माल में खातूना के पक्ष में 86 में से 52 बीडीसी ने विश्वास व्यक्त करके खातूना की जीत सुनिश्चित कर दी। वहीं अब 12 जून को मलिहाबाद में होने वाले फ्लोर टेस्ट पर सबकी निगाहें लगी हैं। इसी बीच खुदादाद खां के सपरिवार हज पर जाने से कयास लगाये जा रहे हैं कि फ्लोर टेस्ट निशा सिंह चौहान के पाले में जा रहा है। यदि निशा सिंह चौहान फ्लोर टेस्ट में बाजी मारती हैं तो निकट भविष्य में चुनाव आयोग प्रक्रिया पूरी कर विधिवत चुनाव कराकर इन्हें विजयी घोषित करेगा। इस बीच माल,मलिहाबाद में काम चलाऊ व्यवस्था के तहत बीडीसी सदस्यों की कमेटी गठित करके कामकाज सम्पन्न कराया जा सकता है।