Saturday, May 2, 2026
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HomeMarqueeउर्मिल डैम में नहाने गए चाचा-भतीजे की डूबने से मौत, परिजन बेहाल

उर्मिल डैम में नहाने गए चाचा-भतीजे की डूबने से मौत, परिजन बेहाल

सुबह पानी में उतराते मिले दोनो बच्चों के शव, शव मिलते ही परिजनों का रो रोकर हुआ बुरा हाल

महोबा। थाना श्रीनगर के पिपरामाफ गांव में गुरूवार की शाम उर्मिल डैम में नहाने गए दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। देर शाम तक बच्चों के घर वापस न आने पर उनके परिजनों ने खोजबीन करते हुए जानकारी मिलने पर डैम पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, पुलिस ने एसडीआरएफ टीम को बुलाया और गोताखोरो ने उर्मिल डैम के पानी में काफी खोजबीन की, लेकिन अंधेरा होने पर रस्क्यू आपरेशन रोक दिया, लेकिन बच्चों के परिजन पूरी रात डैम में बैठकर बच्चों के मिलने की आस लगाए रहे। शुक्रवार की सुबह दोनो बच्चों के शव पानी में उतराते हुए मिले। शव देख परिजनों का रो रोक बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई शुरू की।

गुरुवार दोपहर 8 वर्षीय रितेश और उसका 10 वर्षीय चाचा आर्यन अपनी 4 वर्षीय बहन प्राची के साथ डैम पर नहाने गए थे। प्राची डैम किनारे दोनो बच्चो के कपड़े लेकर बैठ गई और रितेश व आर्यन डैम में नहाने लगे। नहाते समय वह गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाए और पानी में डूब गए। जब बच्चे काफी देर तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। इसी दौरान प्राची दोनों बच्चों के कपड़े लेकर घर पहुंचकर परिजनों को बताया कि भाई पानी में ही रह गए। इसके बाद रितेश के पिता ज्ञान सिंह व अन्य ग्रामीण फौरन डैम की ओर भागे और पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों और स्थानीय पुलिस ने तत्काल खोजबीन शुरू की, लेकिन शाम होने और अंधेरा छाने के कारण सफलता नहीं मिल सकी और सुबह आने की बात कहकर चले गए, लेकिन बच्चों माता पिता और परिजन डैम किनारे पूरी रात बच्चों का इंतजार करते रहे।

प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीम को मौके पर बुलाया और शुक्रवार को एक बार फिर रेस्क्यू आपरेशन चलाया गया। कई घंटे बाद अचानक दोनों बच्चों के शव पानी में उतराते हुए मिले। शव मिलते ही परिजनों में रोना पीटना शुरू हो गया। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक रितेश के दादा बढडा व स्थानीय निवासी आकाश बताते हैं कि आर्यन अपनी चार बहनों का इकलौता भाई था, जबकि रितेश भी अपनी तीन बहनों का एक मात्र सहारा था। एक साथ दो बच्चों की मौत से परिवारों पर गहरा दुख है। बताया जाता है कि मृतक रितेश के पिता फेरी लगाकर परिवार का पालन पोषण करते थे और वह आदिवासी कुचबंदिया परिवार से ताल्लुक रखते है और दोनो बच्चे रिश्ते में चाचा भतीजा थे।

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