सीओ शोहरतगढ़ ने ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों से साझा किए सुरक्षा के मुद्दे, संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने की अपील:
बढ़नी सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा तस्करी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से रविवार को “ऑपरेशन कवच” के तहत बढ़नी बॉर्डर स्थित एसएसबी कैंप में पुलिस, एसएसबी और ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों की संयुक्त बैठक एवं गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और पुलिस-जनता के बेहतर समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश तथा अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण में क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने ग्राम सुरक्षा समिति के सदस्यों से सीमा क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों, तस्करी के संभावित मार्गों और अपराध नियंत्रण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सुझाव मांगे। समिति के सदस्यों ने भी अपने अनुभव साझा किए की और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
क्षेत्राधिकारी ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा केवल पुलिस और एसएसबी की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने समिति के सदस्यों से अपील की कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, तस्करी, अवैध आवाजाही या अपराध से संबंधित कोई सूचना मिले तो उसे तत्काल पुलिस या एसएसबी को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि “ऑपरेशन कवच” के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है और पुलिस तथा एसएसबी संयुक्त रूप से गश्त कर रही है। इसके साथ ही ग्राम सुरक्षा समितियों के सहयोग से अपराधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि जनता के सहयोग से सीमाई क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और अपराधमुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास जारी रहेंगे। अंत में लोगों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल स्थानीय थाना या बढ़नी चौकी पुलिस को दें। .





