HomePolitical'कश्मीर में शांति नहीं खामोशी है, इंसाफ के बिना अमन नामुमकिन', NC...

‘कश्मीर में शांति नहीं खामोशी है, इंसाफ के बिना अमन नामुमकिन’, NC सांसद ने दिल्ली धरने में जाने से पहले कही ये बात

सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य के दर्जे और संवैधानिक गारंटियों की बहाली के लिए संघर्ष पर जोर दिया, साथ ही दिल्ली में पार्टी के धरने में शामिल होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कश्मीर में शांति नहीं बल्कि खामोशी है, और न्याय के बिना स्थायी अमन संभव नहीं है।

नेशनल कान्फ्रेंस के बागी सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य के दर्जे की बहाली के लिए मानसून सत्र के पहले दिन पार्टी द्वारा आयोजित धरने में शामिल होने की पुष्टि करते हुए कहा कि हमें सिर्फ राज्य के दर्जे के लिए नहीं बल्कि जम्मू कश्मीर की अन्य संवैधानिक गारंटियों की बहाली के लिए भी संघर्ष करना चाहिए।

आज पुलवामा में जनता दरबार में भाग लेने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि कश्मीर में खामोशी है,अमन नहीं और अमन तभी होगा जब कश्मीरियों के साथ इंसाफ होगा।

सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी जिन्हें गत सप्ताह मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रदेश सरकार के 19 माह के कामकाज की समीक्षा बैठक में नहीं बुलाया था, ने आज पुलवामा में पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि मैं राज्य के दर्जे की बहाली के लिए पार्टी द्वारा दिल्ली में आयोजित धरने में भाग लूंगा। मैं उसमें मौजूद रहूंगा।

उन्होंने कहा कि हमे लोगों ने जिम्मेदारी दी है कि उनसे जो छीना गया है,उसे वापस लाएं। हमारी लड़ाइ्र सिर्फ राज्य के दर्जे की बहाली तक नहीं है,हमें 370 को वापस लाना है।

यह सिर्फ एक दिन के लिए नहीं हो

मैं तो चाहूंगा कि दिल्ली में धरना-प्रदर्शन का एलान किया गया है, वह सिर्फ एक दिन के लिए नहीं हो। हमें राज्य के दर्जे की बहाली और अन्य संवैधानिक गारंटियों की बहाली के लिए, भारतीय संविधान ने हमे जो दिया था,उनकी पुनर्बहाली के लिए एक प्रभावी और लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नेशनल कान्फ्रेंस को अपने मूल राजनीतिक एजेंडे के मुताबिक काम करना चाहिए। हमने लोगों के साथ जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए काम करना चाहिए,लेकिन बीते दो वर्ष में हम अपने चुनावी वादों को पूरा करने में पूरी तरफ सफल नहीं रहे हैं।

कश्मीर के मौजूदा हालात पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कश्मीर शांति नहीं खामोशी है। बिना इंसाफ शांति बहाल नहीं हो सकती। जम्मू कश्मीर को संविधान ने जो विशेष अधिकार दिए थे,जब वह बहाल होंगे तो इंसाफ होगा और इंसाफ की बुृनियाद पर ही स्थायी शांति होगी।

उम्मीद करते हैं कि जल्द अमन हो

हमारे जो नौजवान बिना सुनवाई लंबे समय से जेलों में बंद हैं,जब उनके साथ इंसाफ होगा तो उसके नतीजे में जो शांति होगी वह स्थायी होगी। यहां पुलवामा,डांगरपोरा में जिस तरह से लोगों को जमीनों से वंचित किया जा रहा हैं, वह नाइंसाफी है , आरक्षण का मुद्दा भी नाइंसाफी से जुड़ा है,जब तक यह सभी नाइंसाफियां खत्म नहीं होंगी,कश्मीर में स्थायी शांति नहीं होगी।

अमेरिका-ईरान युद्ध से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि इजरायल एक आतंकी देश है। अमेरिका-ईरान युद्ध का नुक्सान हम सभी देख रहे हैं। अगर अमन होता है तो नु़क्सान से पूरी दुनिया बचेगी। सभी जानते हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच अमन बहाली के लिए बातचीत हो रही थी,लेकिन इजरायल ने हमले शुरु कर दिए। ईरानको भी जवाबी हमले करने पड़े। यह इजरायल का वहशीपन है। हम उम्मीद करते हैं कि जल्द अमन हो।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular