इटावा। रसूले खुदा की इकलौती मज़लूमा बेटी फ़ातिमा ज़हरा की शहादत पर पांच दिवसीय मजालिसों का आयोजन शरीफ मंज़िल सैदबाड़ा में शुरू हो गया।मजलिस में बड़ी संख्या श्रद्धालुओं ने भाग लिया।शरीफ मंज़िल में पहली मजलिस का शुभारंभ सलीम रज़ा व सफीर हैदर ने सोजख्वानी से किया।अश्शू रिज़वी,सलमान रिज़वी ने कलाम पेश किए।तनवीर हसन ने नोहा ख्वानी की।मजलिस में तक़रीर करते हुये जनपद कानपुर से आये मौलाना फीरोज़ हैदर ने कहा अल्लाह फरमाया कि मोहम्मद सल्ल.न होते तो कायनात में कुछ न होता,पूरी कायनात मोहम्मद सल्ल.के सदके में बनाई।
अल्लाह फिर फरमाता है कि अगर फ़ातिमा न होतीं तो न रसूल होते,न अली होते और न ही कायनात होती।मौलाना ने कहा कि घर मे अगर ए.सी.,कूलर,लाइटें लगीं हैं मगर बिजली कनेक्शन नहीं है तो सब बेकार हैं इसी तरह जब तक एहलेबैत की मोहब्बत दिल मे नहीं है तब तक सारी इबादतें बेकार हैं।रसूल अल्लाह की इकलौती बेटी और इंसानियत की मेराज का नाम फ़ातिमा ज़हरा है।मजलिस में अल्हाज कमर अब्बास नक़वी करबलाई,हाजी अरशद मरगूब,शावेज़ नक़वी,हसन अब्बास,मो.मियां,तहसीन रज़ा,राहत हुसैन रिज़वी,अली साबिर,इबाद रिज़वी,अख्तर अब्बास रिज़वी,राहिल सग़ीर,ज़हूर नक़वी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।





