बहजोई निवासी सुभाष चंद्र गुप्ता के पास एक विद्युत कनेक्शन था जिसे उन्होंने आवश्यता न होने के कारण समस्त औपचारिकताएं पूर्ण कर विच्छेदित करा दिया उसके बावजूद विद्युत विभाग द्वारा उनको मैसेज भेज कर 4951/रु जमा करने को कहा गया जिसे उन्होंने जमा कर दिया और विभाग में जाकर शिकायत की कि जब सभी औपचारिकताएं पूर्ण उनके द्वारा की जा चुकी हैं तो अतिरिक्त धनराशि 4951रु गलत रूप से जमा कराए गए हैं उन्हें बापिस करे तो विद्युत विभाग द्वारा उनकी बात को सुनने और अतिरिक्त जमा धनराशि बापिस करने से मना कर दिया जिस पर वो उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय से मिले और सभी बाते बताई और उनकी ओर से जिला उपभोक्ता आयोग सम्भल में परिवाद प्रस्तुत किया गया आयोग ने विद्युत विभाग को तलब किया तो विभाग की ओर से आयोग को बताया गया कि परिवादी से किसी प्रकार की कोई धनराशि विद्युत बिल जारी करके नहीं की गई है यदि कोई प्रार्थना पत्र दिया जायेगा तो उसका निस्तारण किया जायेगा वादी के अधिवक्ता लवमोहन वार्ष्णेय ने उसका विरोध किया और कहा कि यदि अतिरिक्त धनराशि की माँग विद्युत बिल जारी करके नहीं की गई तो अतिरिक्त जमा धनराशि बापिस करे आयोग ने दोनों पक्षों को सुना और अपना निर्णय देते हुए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड व अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड चंदौसी को परिवादी की जमा धनराशि मुबलिग 4951 रु उस पर दिनांक 29/9/2025 से 7% वार्षिक ब्याज सहित अन्दर दो माह बापस अदा करें। इसके अलावा विपक्षीगण परिवादी को मुबलिग 5000/रु मानसिक कष्ट एवं आर्थिक हानि के मद में तथा ₹5000 वाद व्यय के मद में भी अन्दर दो माह में अदा करें। नियत अवधि में आदेश का अनुपालन न किये जाने की दशा में 9%वार्षिक की दर से ब्याज भी देय होगा।





