HomeUttar PradeshAligarhएंडोस्कोपिक सर्जरी से 12-वर्षीय बच्चे के दुर्लभ स्कल बेस बोन डिफेक्ट का...

एंडोस्कोपिक सर्जरी से 12-वर्षीय बच्चे के दुर्लभ स्कल बेस बोन डिफेक्ट का सफल इलाज

अलीगढ़। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज के डॉक्टरों ने अलीगढ़ के 12-वर्षीय बच्चे की खोपड़ी के निचले हिस्से (स्कल बेस) में जन्म से मौजूद एक दुर्लभ छेद का सफल इलाज किया। इस समस्या के कारण बच्चे को बार-बार बैक्टीरियल मेनिन्जाइटिस हो रहा था, जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को ढकने वाली झिल्लियों (मेम्ब्रेन) का गंभीर संक्रमण है और जानलेवा भी हो सकता है। यह मामला समय पर सही पहचान और आधुनिक बिना चीरा लगाए की जाने वाली एंडोस्कोपिक सर्जरी के महत्व को दर्शाता है, जिससे बार-बार होने वाले संक्रमण और गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव हुआ।

12-वर्षीय शिवांग शर्मा को पिछले एक साल में कई बार स्ट्रेप्टोकोकल मेनिन्जाइटिस हुआ था। एक बार संक्रमण इतना गंभीर हो गया कि उसे सेप्टिक शॉक और दौरे (सीजर) भी आए। हाल ही में उसे तेज सिरदर्द और लगातार उल्टी की शिकायत के बाद मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों ने यह भी पाया कि उसकी नाक से बीच-बीच में साफ पानी जैसा तरल निकलता था, जिसे पहले सामान्य सर्दी-जुकाम समझा जा रहा था। डॉक्टरों को संदेह हुआ कि यह मस्तिष्क के तरल पदार्थ (सीएसएफ) के रिसाव का संकेत हो सकता है। इसके बाद विशेषज्ञों की टीम ने उसकी विस्तृत जांच की।

एडवांस जांच में पता चला कि बच्चे की खोपड़ी के निचले हिस्से (स्कल बेस) की हड्डी में दोनों तरफ जन्म से दुर्लभ छेद थे। इसके साथ ही मस्तिष्क की झिल्ली (मेम्ब्रेन) भी इन छेदों के कारण बाहर की ओर उभर आई थी। इसी वजह से मस्तिष्क का तरल पदार्थ (सीएसएफ) नाक के रास्ते बाहर निकल रहा था। इस समस्या के कारण मस्तिष्क और नाक के बीच एक असामान्य रास्ता बन गया था, जिससे बच्चे को बार-बार मेनिन्जाइटिस (मस्तिष्क का संक्रमण) और अन्य गंभीर दिमागी जटिलताओं का खतरा बढ़ गया था।

नसों के माध्यम से दी जाने वाली एंटीबायोटिक दवाओं से संक्रमण पूरी तरह नियंत्रित होने के बाद, मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज, की न्यूरोसर्जरी और ईएनटी की बहु-विषयक टीम ने, जिसका नेतृत्व प्रिंसिपल डायरेक्टर – न्यूरोसर्जरी, डॉ. अमिताभ गोयल के साथ प्रिंसिपल कंसल्टेंट – न्यूरोसर्जरी, डॉ. अमित कुमार गर्ग, ने किया, एक उन्नत, मिनिमली इनवेसिव एंडोस्कोपिक ट्रांसनेजल सर्जरी सफलतापूर्वक की। इस सर्जरी के दौरान दोनों तरफ मौजूद मेनिंगोसील को हटाया गया और स्कल बेस की हड्डी में मौजूद दोष (छेद) की सफल मरम्मत की गई।

इस मामले पर बात करते हुए, मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज में न्यूरोसर्जरी के प्रिंसिपल डायरेक्टर – डॉ. अमिताभ गोयल, ने कहा, “अगर किसी बच्चे को बार-बार मेनिन्जाइटिस हो रहा है, तो केवल दवाओं से इलाज करना पर्याप्त नहीं होता। ऐसे मामलों में यह जांचना जरूरी है कि कहीं जन्म से कोई शारीरिक समस्या तो नहीं है। नाक से लगातार साफ पानी जैसा तरल निकलना अक्सर सर्दी या एलर्जी समझ लिया जाता है, लेकिन कुछ दुर्लभ मामलों में यह मस्तिष्क के तरल पदार्थ (सीएसएफ) के रिसाव का संकेत हो सकता है। समय पर सही जांच और सर्जरी से बार-बार होने वाले संक्रमण, मस्तिष्क को होने वाले स्थायी नुकसान और जानलेवा जटिलताओं से बचा जा सकता है।”

सर्जरी के बारे में जानकारी देते हुए, मैक्स हॉस्पिटल, पटपड़गंज में न्यूरोसर्जरी के प्रिंसिपल कंसल्टेंट – डॉ. अमित कुमार गर्ग, ने कहा, “यह पूरी सर्जरी नाक के रास्ते एंडोस्कोप की मदद से की गई, जिससे शरीर पर कोई बाहरी चीरा लगाने या मस्तिष्क की ओपन सर्जरी करने की जरूरत नहीं पड़ी। आधुनिक एंडोस्कोपिक स्कल बेस सर्जरी की मदद से इस तरह की समस्याओं का सटीक इलाज कम दर्द, कम जटिलताओं, कम समय तक अस्पताल में भर्ती रहने और जल्दी स्वस्थ होने के साथ किया जा सकता है। यह मामला बताता है कि ऐसे दुर्लभ और जटिल मामलों में विभिन्न विशेषज्ञों की टीम मिलकर काम करे तो बेहतर परिणाम मिलते हैं।”

सर्जरी के बाद बच्चे की हालत तेजी से सुधरी। मस्तिष्क के तरल पदार्थ (सीएसएफ) का रिसाव पूरी तरह बंद हो गया, नाक से पानी निकलने की समस्या दोबारा नहीं हुई और अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उसकी न्यूरोलॉजिकल स्थिति सामान्य रही। सर्जरी के चौथे दिन उसे स्वस्थ हालत में छुट्टी दे दी गई और नियमित फॉलो-अप की सलाह दी गई।

मामले का सार बताते हुए डॉ. अमिताभ गोयल ने कहा कि स्कल बेस की ऐसी समस्याओं की समय पर पहचान और बिना चीरा लगाए की जाने वाली आधुनिक एंडोस्कोपिक सर्जरी से सुरक्षित इलाज संभव है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो सकता है।

मैक्स हेल्थकेयर के बारे में:

मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट लिमिटेड (मैक्स हेल्थकेयर) भारत के सबसे बड़े हेल्थकेयर ऑर्गनाइजेशंस में से है। नवीनतम टेक्नोलॉजी और अत्याधुनिक शोध के दम पर मैक्स हेल्थकेयर क्लिनिकल एक्सीलेंस एवं पेशेंट केयर के मामले में सर्वोच्च मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कुल 21 अस्पतालों के संचालन (करीब 6,000 बेड) के साथ उत्तर भारत में मैक्स हेल्थकेयर की उल्लेखनीय उपस्थिति है। इसके नेटवर्क में कंपनी एवं उसकी सब्सिडियरीज द्वारा संचालित सभी अस्पताल एवं मेडिकल सेंटर, पार्टनर हेल्थकेयर फैसिलिटीज एवं मैनेज्ड हेल्थकेयर फैसिलिटीज शामिल हैं। इनमें दिल्ली एनसीआर में साकेत (3 हॉस्पिटल), पटपड़गंज, वैशाली, राजेंद्र प्लेस, द्वारका, नोएडा व शालीमार बाग के अत्याधुनिक टर्शरी एवं क्वाटर्नरी केयर हॉस्पिटल्स, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, मोहाली, बठिंडा, देहरादून, भुवनेश्वर के एक-एक हॉस्पिटल, गुरुग्राम के सेकेंडरी केयर हॉस्पिटल और दिल्ली-एनसीआर में नोएडा, लाजपत नगर व पंचशील पार्क के मेडिकल सेंटर और मोहाली, पंजाब का एक मेडिकल सेंटर शामिल है। मोहाली और बठिंडा के अस्पताल पंजाब सरकार के साथ पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) के तहत संचालित होते हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular