HomeUttar PradeshAligarhसीएमओ के सख्त निर्देश, जरूरतमंद तक बिना देरी पहुंचे एम्बुलेंस

सीएमओ के सख्त निर्देश, जरूरतमंद तक बिना देरी पहुंचे एम्बुलेंस

अलीगढ़। आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर पहुंची एम्बुलेंस किसी व्यक्ति के लिए नया जीवन लेकर आती है। इसी संवेदनशीलता को केंद्र में रखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.एन. सिंह ने जिले की 102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाओं को और अधिक त्वरित, जवाबदेह एवं जनहितैषी बनाने के लिए नोडल अधिकारी एम्बुलेंस सेवा डॉ0 एस0 के0 जैन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आर0 एन0 सिंह ने निर्देशित किया कि प्रत्येक आपातकालीन कॉल को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ प्राप्त किया जाए और कॉल मिलते ही एम्बुलेंस बिना किसी अनावश्यक विलंब के तत्काल मौके के लिए रवाना हो। उन्होंने कहा कि दुर्घटना, प्रसव पीड़ा, हृदयाघात अथवा अन्य किसी भी आपात स्थिति में प्रत्येक मिनट अमूल्य होता है। ऐसे में एम्बुलेंस चालक और ईएमटी केवल अपना कर्तव्य नहीं निभाते, बल्कि मानव जीवन बचाने का महत्वपूर्ण दायित्व भी निभाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी एम्बुलेंस कर्मी पूरी संवेदनशीलता, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करें, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंच सके।

नोडल अधिकारी एम्बुलेंस सेवा डॉ. एस.के. सिंह ने बताया कि जून माह में 102 एम्बुलेंस सेवा पर 15,551 कॉल प्राप्त हुईं। इनमें 15,299 मामलों में एम्बुलेंस की आवश्यकता पाई गई और सभी को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। सेवा पूर्ण होने के बाद 8,534 मरीजों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक भी पहुंचाया गया। 102 एम्बुलेंस का औसत रिस्पॉन्स टाइम मात्र 5 मिनट 34 सेकंड रहा, जो आपातकालीन सेवाओं की तत्परता को दर्शाता है।

इसी प्रकार 108 एम्बुलेंस सेवा पर जून माह में 6,347 कॉल प्राप्त हुईं, जिनमें 5,905 मरीजों को तत्काल एम्बुलेंस सेवाएं प्रदान की गईं। इस सेवा का औसत रिस्पॉन्स टाइम 7 मिनट 09 सेकंड दर्ज किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आर0 एन0 जैन ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य केवल मरीज को अस्पताल तक पहुंचाना नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में प्रत्येक नागरिक को यह भरोसा दिलाना है कि उसकी एक कॉल पर स्वास्थ्य विभाग पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ उसके साथ खड़ा है। समय पर पहुंची एम्बुलेंस न केवल एक मरीज की जान बचाती है, बल्कि पूरे परिवार को नई उम्मीद और विश्वास भी देती है।

एम्बुलेंस सेवा प्रबंधक मोहम्मद अरशद ने जनपदवासियों को विश्वास दिलाया कि 102 एवं 108 एम्बुलेंस सेवाएं प्रत्येक आपात स्थिति में पूरी तत्परता, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ लोगों की सहायता के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी संकोच के एम्बुलेंस सेवा का लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि कई बार गर्भवती महिलाओं को चिकित्सालय पहुॅचाते समय आकस्मिक स्थिति में एम्बुलेंस में ही सकुशल प्रसव भी कराया गया है, जिसमें जच्चा-बच्चा दोनों ही सकुशल रहे हैं।

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