जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) के तत्वावधान में मंगलवार को जनपद न्यायालय के सभागार में सर्वाइकल कैंसर एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार किया गया, जिसकी अध्यक्षता प्राधिकरण की सचिव वंदना अग्रवाल ने की।
गोष्ठी में डॉ. रिद्धि सिद्धि एवं जिला अस्पताल की काउंसलर डॉ. नीता ने सर्वाइकल कैंसर और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। बताया गया कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण उपलब्ध है और समय पर वैक्सीनेशन कराने से इस बीमारी की रोकथाम संभव है। साथ ही जागरूकता को भी आवश्यक बताया गया।
मानसिक स्वास्थ्य पर जानकारी देते हुए बताया गया कि किसी भी आयु वर्ग के लोग, विशेषकर असाध्य रोगों या शारीरिक-मानसिक विकलांगता से ग्रसित व्यक्ति, अवसाद का शिकार हो सकते हैं। ऐसे लोगों के लिए जिला अस्पताल हमीरपुर में कक्ष संख्या 122 पर निःशुल्क काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध है।
कार्यक्रम में सर्वाइकल कैंसर एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर भी चर्चा की गई। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह कराने, करवाने या इसमें सहयोग करने वाले व्यक्तियों को दो वर्ष तक की सजा एवं एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है, साथ ही ऐसा विवाह शून्य घोषित किया जा सकता है।
बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की एवं 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो दंडनीय अपराध है। कार्यक्रम में कविता के माध्यम से भी बाल विवाह की कुप्रथा पर प्रकाश डाला गया।
अंत में कहा गया कि बाल विवाह जैसी कुरीतियां सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारियों के बढ़ने का एक प्रमुख कारण हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों, सहायिकाओं एवं महिला पीएलवी से समाज के निचले तबके तक जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का संचालन हरिनाम सिंह द्वारा किया गया तथा अंत में सभी अतिथियों व सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।





