Thursday, May 7, 2026
spot_img
HomeBusinessइस राज्य में रिवाइज्ड नेशनल पेंशन स्कीम लागू, 20 साल की नौकरी...

इस राज्य में रिवाइज्ड नेशनल पेंशन स्कीम लागू, 20 साल की नौकरी पर 50% पेंशन; AINPSEF के अध्यक्ष ने उठाए सवाल

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य कर्मचारियों के लिए संशोधित राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) लागू की है, जिसमें 20 साल की सेवा पर अंतिम वेतन का 50% पेंशन मिलेगी। हालांकि, ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल ने कर्मचारियों के अंशदान वापस लेने और केंद्र के प्रावधानों की अनदेखी को लेकर इस योजना में खामियां बताई हैं।

महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार 6 मई को राज्य के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए संशोधित राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) की घोषणा की। इस संशोधित योजना के तहत, कर्मचारियों को उनकी आखिरी सैलरी का 50 प्रतिशत पेंशन के तौर पर मिलेगा, साथ ही उन्हें महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा। ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल ने इस संशोधित NPS को लेकर कई सवाल भी उठाए हैं।

यह योजना उन कर्मचारियों पर लागू होती है जो 2005 के बाद रिटायर हुए हैं, और इसे 1 मार्च, 2024 से पिछली तारीख से लागू किया गया है। योग्य और इच्छुक कर्मचारियों को 31 दिसंबर, 2026 तक इस योजना में शामिल होने का विकल्प दिया गया है। उम्मीद है कि इस फैसले से पूरे राज्य में लाखों कर्मचारियों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

AINPSEF के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उठाए सवाल

ऑल इंडिया एनपीएस एम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस रिवाइज्ड पेंशन स्कीम की जानकारी दी। उन्होंने पहले इस स्कीम की जरूरी बातें बताईं। इसके बाद उन्होंने बताया कि आखिर संशोधित राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) क्या चीज नहीं है।

डॉ. मंजीत पटेल ने लिखा- “महाराष्ट्र सरकार ने लागू की रिवाइज्ड नेशनल पेंशन स्कीम, जिसमें 20 वर्ष की नौकरी पर 50% पेंशन का प्रावधान किया गया है जो एक स्वागतयोग्य कदम है लेकिन इसके बदले कर्मचारियों का भी अंशदान वापस ले लेना बिल्कुल जायज नहीं है।”

उन्होंने आगे लिखा- “केंद्र सरकार ने जो लंप सम अमाउंट देने का प्रावधान किया है उसका भी जिक्र महाराष्ट्र सरकार ने नहीं किया है। यह बहुत बड़ी विडंबना है। कर्मचारी के पास सेवानिवृत्ति पर यही थोड़ा अमाउंट होता है जिसे सरकार हड़प ले, ये कैसा न्याय है। महाराष्ट्र सरकार को कर्मचारियों के लिए भी अपना दिल बड़ा करने की जरूरत है।”

संशोधित राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) की जरूरी बातें

  • जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि 20 वर्ष या उससे अधिक है, उन्हें अपनी अंतिम आहरित वेतन का 50% पेंशन के रूप में, साथ ही महंगाई राहत (Dearness Relief) भी मिलेगी।
  • 10 से 20 वर्ष के बीच की सेवा अवधि के लिए, पेंशन सेवा की अवधि के अनुपात में होगी।
  • 10 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद, न्यूनतम पेंशन 7,500/- रुपये प्रति माह निर्धारित की गई है।
  • फैमिली पेंशन: यह कर्मचारी की पेंशन का 60% होगी, साथ ही इसमें महंगाई राहत भी शामिल होगी।
  • फंड की वापसी: जो कर्मचारी इस योजना का विकल्प चुनते हैं, उन्हें अपनी संचित राशि (PFRDA से निकाली गई) का 60% हिस्सा, आहरण एवं संवितरण अधिकारी (DDO) के माध्यम से सरकारी खजाने में जमा करना होगा।
  • एन्युइटी समायोजन: DDO, ‘एन्युइटी सेवा प्रदाता’ (40% कोष पर) से प्राप्त मासिक एन्युइटी राशि को, राज्य सरकार द्वारा देय कुल पेंशन में से काट लेगा।
  • इस संशोधित योजना का पूरा लाभ उठाने के लिए, NPS कोष से की गई किसी भी पिछली निकासी को 10% ब्याज के साथ वापस जमा करना अनिवार्य है।
  • अपवाद: जिन कर्मचारियों ने इस्तीफ़ा दे दिया है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे; उन्हें केवल NPS के मानक लाभ ही मिलेंगे।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -spot_img

Most Popular