डरने की जरूरत नहीं,हर पीड़ित महिला के साथ मजबूती से खड़ा है महिला आयोग
तहसील सभागार में 14महिलाओं ने सदस्य डॉ प्रियंका मौर्य को सुनाया अपना दुःख दर्द
राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ प्रियंका मौर्य ने तहसील सभागार में जनसुनवाई की। जनसुनवाई में 14प्रार्थना पत्र आए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का मतलब केवल दर्खास्तों पर रिपोर्ट लगाना नहीं पीड़ित महिलाओं को न्याय मिलना चाहिए।
जनसुनवाई के दौरान डॉ. मौर्या ने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर शोषण, संपत्ति विवाद, मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर मामलों को व्यक्तिगत रूप से सुना और प्रत्येक शिकायतकर्ता को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में महिला आयोग पूरी तरह समर्पित है। डॉ. मौर्या ने संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता सहन नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज की रीढ़ हैं, और उनका सशक्तिकरण तभी संभव है जब उन्हें न्याय, सुरक्षा और सम्मान मिले। जनसुनवाई के दौरान कुछ मामलों में मौके पर ही समाधान भी निकाला गया। कई मामलों में संबंधित पुलिस थानों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए गए। वहीं, लंबित मामलों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई। डॉ. मौर्या ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत पर फॉलोअप कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और शिकायतकर्ता को उसकी जानकारी भी दी जाए। इस मौके पर उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि डरने की जरूरत नहीं है।
कानून आपके साथ है और महिला आयोग हर उस महिला के साथ खड़ा है जो किसी भी प्रकार के उत्पीड़न का शिकार हो रही है। उन्होंने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी और उन्हें जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। डॉ. मौर्या ने यह भी कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल सुनवाई करना नहीं, बल्कि पीड़िता को न्याय दिलाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए की शासन द्वारा संचालित योजनाओं से पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित किया जाए।
इस जनसुनवाई में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, महिला कल्याण विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जनसुनवाई के अंत में डॉ. मौर्या ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों पर सतत निगरानी रखी जाए और महिलाओं की सुरक्षा व अधिकारों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।