आजमगढ़l आज अखिल भारतीय राष्ट्रीय महासंघ के शीर्ष नेतृत्व के आह्वाहन पर जनपद-इकाई द्वारा जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री, शिक्षामंत्री, केन्द्र सरकार व मुख्यमंत्री उ०प्र० को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से दिया गया। उक्त अवसर पर शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष बजरंग बहादुर सिंह ने कहा कि नियुक्ति के बाद टेट (TET) लागू होने से पूर्व नौकरी कर रहे शिक्षकों पर नये मानदण्डो को लागू करना उचित नहीं है। जिला उपाध्यक्ष अमित राय ने कहा कि सन् 2017 में NCTE द्वारा नये संशोधन जिसमें कार्यरत शिक्षकों को भी पॉच वर्ष के अन्दर टेट पास करने की बात की गयी थी, उसकी जानकारी शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारियों द्वारा शिक्षकों को नहीं दी गयी।
यह शिक्षकों के भविष्य के साथ जानबूझकर की गयी भारी लापरवाही एवं खिलवाड़ है। उक्त संशोधन सुप्रिम कोर्ट के आदेश आने के बाद पूरे देश के शिक्षको के संज्ञान में आया, जिससे शिक्षक समाज सन्न रह गया। कोर्ट ने अपनी तरफ से 2 वर्ष का समय शिक्षकों को दिया, जबकि संशोधन के समय दिया गया 05 वर्ष का समय बीत चुका था, ऐसे में संसद द्वारा विधायी संशोधन ही आखिरी विकल्प है। महामंत्री अनिल मिश्रा ने कहा कि पचास वर्ष की उम्र पार कर चुके शिक्षकों से निरन्तर विभागीय और गैर शैक्षणिक कार्य लेते हुए परीक्षा की बाध्यता में डालना शिक्षकों एवं बच्चो के साथ खिलवाड़ है।
संगठन मंत्री मनोज सिंह ने कहा कि टेट की बाध्यता से विद्यालय में पठन-पाठन और विभागीय कार्य से शिक्षक विरत रहकर तैयारी करेगा तो शैक्षणिक कार्य व विभागीय कार्य दोनों के साथ अन्याय होगा। इस अवसर पर प्रज्ञा त्रिपाठी, नेहा राय, सुजीत सिंह, रासबिहारी यादव, बृजेश राय, अरविन्द सिंह, त्रिपुरारी सिंह, राहुल सिंह, पल्लवी बर्नवाल, जालन्धर यादव, विनोद यादव, आजाद सिंह, अरविन्द सिंह पवई, अतुल कुमार यादव, अंशू राय, प्रदीप तिवारी, यशपाल सिंह, अमित सिंह, के०पी० सिंह, पवन चौबे सहित सैकड़ो शिक्षक ज्ञापन / प्रदर्शन में शामिल रहे ।





