क्षेत्रीय वनाधिकारी ने की श्रमिकों से अधिक से अधिक पौधों को लगवाए जाने की अपील, कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया
महोबा। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर सोमवार को पौधशाला बारा के तत्वावधान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से कलाकारों ने लोक गीत के माध्यम से वृक्षों के महत्व बताया। क्षेत्रीय वनाधिकारी ने मजदूर दिवस पर प्रकाश डालते हुए श्रमिकों से अधिक से अधिक पौधों को लगवाए जाने की अपील की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय वनाधिकारी ने कहा कि मजदूर दिवस की औपचारिक घोषणा 1889 में पेरिस में इंटरनेशनल सोशलिस्ट कॉन्फ्रेंसश में 1 मई को की गई थी, लेकिन भारत में पहली बार यह दिवस 1 मई 1923 को चेन्नई (मद्रास) में मनाया गया था। इस दिवस में मुख्य उद्देश्य श्रमिकों की उपलब्धियों, उनके मेहनत और समाज व राष्ट्र के विकास में उनके योगदान का सम्मान करना है।
इस मौके पर श्रमिकों को पानी की बोतल देकर सम्मानित किया गया साथ ही कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। उन्होंने बढ़ते तापमान को देखते हुए श्रमिकों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की गई। कार्यक्रम में वन विभाग के समस्त अधिकारी, कर्मचारी, ग्राम प्रधान, ग्रामीण के अलावा नमामि गंगे के डीपीओ मौजूद रहे।





