प्रमुख देवस्थलों पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हुआ पूजन-अर्चन
आज सूर्यमंदिर में वैदिक अनुष्ठान के साथ होगा महाजलाभिषेक
सेवरही, कुशीनगर। तुर्कपट्टी स्थित गुप्तकालीन सूर्यमंदिर में शुक्रवार को आयोजित होने वाले चतुर्थ सूर्य प्रकाट्योत्सव एवं महाजलाभिषेक से पूर्व गुरुवार को 151 पवित्र नदियों के जल से भरे कलशों की शोभायात्रा राजापाकड़ धाम पहुंची। जल परिवहन रथ के आगमन पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया तथा महिलाओं ने मंगलगीत गाते हुए कलशों की आरती उतारी। श्रद्धालुओं ने पवित्र जल को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और राष्ट्रीय एकात्मता का प्रतीक बताते हुए आयोजन की सफलता की कामना की। पूरे क्षेत्र में जय सूर्यदेव और हर-हर महादेव के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
शोभायात्रा में आयोजक एवं वरिष्ठ पत्रकार विनय राय, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश जायसवाल, कस्तूरचंद जायसवाल, संजय सिंह, राजकुमार गिरी, अमित राय, शैलेंद्र तिवारी, आदित्य राय, पंकज राय और आलोक राय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। सभी ने राजापाकड़ धाम स्थित जीतेश्वर शिवमंदिर, जानकीरमण सरकार मंदिर तथा अंजनीसुत पंचमुखी हनुमान मंदिर में आचार्य प्रद्युम्न शुक्ल के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन-अर्चन किया। इसके बाद शोभायात्रा अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गई।
आयोजक विनय राय ने बताया कि देश के विभिन्न प्रांतों की 151 नदियों से एकत्रित पावन जल शुक्रवार को सूर्यमंदिर में भगवान भास्कर के महाजलाभिषेक में अर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति के प्रति सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश भी देता है। राजापाकड़ धाम में यज्ञ समिति के मुकेश यादव, मृत्युंजय सिंह मोनू, जितेंद्र गुप्ता, अंशुमान मिश्र, डा. विजय श्रीवास्तव, ईश्वरचंद गुप्त, रमेश गोंड, बालकृष्ण, संजय पासवान, सुनील मिश्र, जोखू यादव, भोलू यादव, अनूप गोंड, रवि वर्मा, हरिओम, सागर कुशवाहा, हरेंद्र यादव और आनंद यादव ने शोभायात्रा का स्वागत किया तथा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं संभाली।





