सेवानिवृत्त शिक्षक मेहताब रजा के चारों बेटों ने अलग-अलग क्षेत्रों में बनाई खास पहचान, गांव में खुशी का माहौल
जलालपुर, अम्बेडकरनगर। जिले के जलालपुर तहसील क्षेत्र के दाऊदपुर गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक सैय्यद मेहताब रजा के परिवार ने शिक्षा, बैंकिंग, प्रशासन और वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है। उनके चारों बेटों ने अपने-अपने क्षेत्र में सफलता हासिल कर परिवार के साथ-साथ गांव और जिले का नाम भी रोशन किया है।
मेहताब रजा त्रिलोक नाथ इंटर कॉलेज, टांडा में शिक्षक के पद पर कार्यरत रहे हैं। उनके बड़े बेटे तस्नीम रजा बनारस स्थित बॉम्बे मर्केंटाइल बैंक में ब्रांच हेड के पद पर कार्यरत हैं। दूसरे बेटे प्रोफेसर तहसीन रजा लखनऊ के एरा मेडिकल कॉलेज में डेंटल विभाग के प्रोफेसर हैं। वहीं तीसरे बेटे नदीम रजा टांडा ब्लॉक में ग्राम पंचायत सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
परिवार के चौथे बेटे सैय्यद तसलीम रजा ने चिकित्सा शिक्षा और वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्तमान में वह लखनऊ के एरा मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उनका शोध ‘रेटिनॉयड्स इन ल्यूकेमिया एंड सेल्युलर प्रोसेसेज’ विषय पर केंद्रित है। वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में उनके योगदान के चलते उन्हें विश्व के 1000 वैज्ञानिकों की सूची में 520वां स्थान प्राप्त हुआ है।
सैय्यद तसलीम रजा की इस उपलब्धि की जानकारी सामने आने के बाद उनके पैतृक गांव दाऊदपुर और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात बताया। मोहम्मद तालिब, मोहम्मद इरफान, पूर्व ग्राम प्रधान शादाब, वसीम जौहर अब्बास सहित कई लोगों ने सैय्यद तसलीम रजा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ही परिवार के चारों बेटों का अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय मुकाम हासिल करना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। विशेष रूप से वैज्ञानिक शोध के क्षेत्र में सैय्यद तसलीम रजा की उपलब्धि ने अम्बेडकरनगर का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।





