सिद्धार्थनगर। गुरुवार को पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अरविन्द राय की अध्यक्षता में 13 सितंबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना से संबंधित क्लेम पेटिशन मामलों को अधिक से अधिक संख्या में निस्तारित किए जाने हेतु प्री-ट्रायल बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने उपस्थित पक्षकारों को जानकारी देते हुए कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को सरल, सुलभ और त्वरित बनाना है। मोटर दुर्घटना मामलों में, प्री-ट्रायल मीटिंग का आयोजन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह प्रक्रिया विवाद को अदालत में लंबी सुनवाई तक ले जाने के बजाय एक आपसी सहमति से हल करने का अवसर प्रदान करती है।
लोक अदालत की इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा मिले और संबंधित पक्षों का समय और धन बच सके। प्री-ट्रायल मीटिंग में शामिल पक्षों को मध्यस्थता के माध्यम से विवाद सुलझाने के लिए बुलाया जाता है। इस प्रक्रिया को कुशलता और पारदर्शिता से संचालित किया जाता है ताकि सभी पक्षों को न्याय मिले।
बैठक को संबोधित करते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिद्धार्थनगर शैलेन्द्र नाथ ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि न्याय शीघ्र और सुलभ रूप से प्रदान किया जाए। मोटर दुर्घटना के मामलों में समय पर मुआवजा मिलना न केवल पीड़ितों के लिए आवश्यक है, बल्कि यह सभी संबंधित पक्षों के बीच एक सकारात्मक संवाद स्थापित करने का अवसर भी प्रदान करता है।
बैठक में सम्पूर्णानन्द बक्शी, असगर अली, इजहार अली, नफीस हैदर रिजवी, सिराज तारिक, राम प्रकाश धर द्विवेदी, प्रभाकर गुप्ता, मकसूद अली अंसारी, विनय चन्द्र मिश्र, अनिल कुमार त्रिपाठी, शहन्साह, मो० शमीम अंसारी, प्रमोद कुमार चौरसिया, सरफराज मलिक, दिलीप कुमार श्रीवास्तव तथा पक्षकार के साथ-साथ कार्यालय मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण सिद्घार्थनगर के कर्मचारीगण एवं कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण उपस्थित रहें।





