गोण्डा। प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश सरकार का ध्यान आकृष्ट किया है। जवानों का कहना है कि वे पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ ड्यूटी करते हैं, इसके बावजूद उन्हें न तो पर्याप्त मानदेय मिल रहा है और न ही मूलभूत सुविधाएं।
पीआरडी जवानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपते हुए बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय बनी हुई है, जिससे जीवन-यापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जवानों ने मांग की है कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप उन्हें पुलिस व होमगार्ड की तरह दैनिक भत्ता और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं। साथ ही ड्यूटी के दौरान दुर्घटना या आकस्मिक मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा अपंगता की स्थिति में चिकित्सा व्यय के लिए बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इसके अतिरिक्त, पूर्व की भांति ब्लॉक कमांडेंट, हल्का सरदार और टोली नायक जैसे पदों को बहाल कर उचित मानदेय देने की भी मांग की गई है। ज्ञापन देते समय पीआरडी के द्वारिका प्रसाद ओझा, विजय कुमार उपाध्या, माधवराज अवस्थी, जयकरन, विनीता तिवारी आदि लोग मौजूद रहे। पीआरडी जवानों ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प के तहत उनकी जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।





