नई दिल्ली/इस्लामाबाद। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी के बाद पाकिस्तान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारतीय बयान को उकसाने वाला बताते हुए कहा कि देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। वहीं, पाकिस्तान के राष्ट्रीय रणनीतिक कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आमेर रजा ने भी विरोधियों को चेतावनी दी कि किसी भी गलत आकलन का जवाब उनकी कल्पना से कहीं अधिक कठोर हो सकता है।
राजनाथ सिंह ने क्या चेतावनी दी थी?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 15 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित रक्षा सम्मेलन के दौरान कहा था कि पाकिस्तान से होने वाली किसी भी भविष्य की आतंकवादी घटना का भारत पहले से भी अधिक कड़ा जवाब देगा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर, बालाकोट हवाई हमले और सर्जिकल स्ट्राइक का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति में बदलाव आया है।
राजनाथ सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत शांति के प्रति प्रतिबद्ध है, लेकिन उसकी प्रतिबद्धता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। उनके बयान का मुख्य संदेश था कि सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ भारत निर्णायक कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
भारत के रक्षा मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने 16 अक्टूबर को इसे उकसाने वाला बयान बताया। पाकिस्तान ने कहा कि उसकी शांति और संयम की नीति को कमजोरी न समझा जाए और किसी भी कथित आक्रामक कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान ने भारत पर क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को प्रभावित करने वाली बयानबाजी का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही इस्लामाबाद ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को फिर उठाया।
सैन्य कमांडर आमेर रजा की चेतावनी से बढ़ा विवाद
पाकिस्तान के राष्ट्रीय रणनीतिक कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल आमेर रजा ने 17 अक्टूबर को कहा कि सीमा पार किसी भी गलत आकलन का जवाब ऐसा होगा, जिसकी पहल करने वाला पक्ष कल्पना भी नहीं कर सकेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाएं देश की रक्षा के लिए तैयार हैं।
उन्होंने परमाणु हथियारों वाले क्षेत्र में संघर्ष के खतरों का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। यह बयान राजनाथ सिंह की चेतावनी के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ी बयानबाजी के संदर्भ में आया है।
ऑपरेशन सिंदूर का क्यों हो रहा है बार-बार जिक्र?
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को आतंकवादी हमले के जवाब में की गई कार्रवाई के रूप में पेश किया था। राजनाथ सिंह ने अपने हालिया बयान में इसे बालाकोट हवाई हमलों और सर्जिकल स्ट्राइक के साथ भारत की बदली हुई आतंकवाद विरोधी नीति का उदाहरण बताया।
भारत का कहना है कि सीमा पार से होने वाली आतंकवादी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, पाकिस्तान भारतीय बयानों को आक्रामक बताते हुए अपनी संप्रभुता की रक्षा करने की बात कह रहा है। दोनों देशों के ये बयान सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों को लेकर जारी तनाव को दर्शाते हैं।
भारत-पाकिस्तान के बीच आगे क्या?
फिलहाल दोनों देशों की ओर से सख्त बयान सामने आए हैं, लेकिन केवल बयानबाजी के आधार पर किसी सैन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं की जा सकती। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़े जवाब की नीति दोहराई है, जबकि पाकिस्तान ने किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देने की चेतावनी दी है।
क्षेत्रीय शांति के लिहाज से अहम यह होगा कि दोनों पक्षों के बयान किसी नए तनाव का कारण न बनें और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट बनी रहे।





