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शारीरिक, बौद्धिक एवं चरित्र निर्माण शिविर के चौथे दिन बच्चों ने सीखा अनुशासन और आत्मरक्षा के गुर

बस्ती। सनातन धर्म संस्था, बस्ती के तत्वाधान में श्री दुर्गा मंदिर, दुबौली दूबे परिसर में चार दिनों से चल रहे शारीरिक, बौद्धिक एवं चरित्र निर्माण शिविर के चौथे दिन लगभग 90 बच्चों को सर्वांगसुंदर व्यायाम, भूमि नमस्कार, सूर्य नमस्कार, जूडो-कराटे, लाठी, तलवार, एयरगन से निशानेबाजी, आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) के विभिन्न तरीके, कमांडो प्रशिक्षण, रस्से पर अभ्यास, पीटी तथा परेड में पदसंचलन का प्रशिक्षण दिया गया साथ ही अनुशासन, साहस, नेतृत्व क्षमता तथा टीम भावना विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया गया। स्वस्थ,संस्कारित, आत्मविश्वासी एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिक बनाने के संकल्प से आयोजित इस शिविर में बौद्धिक सत्रों के दौरान श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का अध्ययन एवं अभ्यास कराया गया।

बागपत से आये शिविर के मुख्य व्यायाम शिक्षक विनय पँवार बच्चों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान कर रहे है और उनके साथ प्रशिक्षक पूजा अग्रहरि, मान्यता त्रिपाठी, श्री त्रिपाठी, आयुष यादव, शीतल राव, विधि, मानवी एवं अंकिता द्वारा सर्वांगसुन्दर व्यायाम, मार्शल आर्ट, डमबल, लेजियम, लाठी, तलवार, पीटी, सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार तथा अन्य विविध शारीरिक गतिविधियों का प्रशिक्षण कराया जा रहा है। पंकज त्रिपाठी ने अभिवादन के महत्व, शिष्टाचार एवं सामाजिक व्यवहार की जानकारी दी। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के द्वितीय अध्याय के श्लोकों का अभ्यास कराते हुए बताया कि जीवन में अनुशासन, संयम और सदाचार का कितना महत्व है। बच्चों को यह भी सिखाया गया कि किसी व्यक्ति से मिलने पर किस प्रकार अभिवादन करना चाहिए, संवाद कैसे स्थापित करना चाहिए तथा समाज में आदर्श व्यवहार कैसे किया जाता है।

इस अवसर पर बच्चों को मांसाहार, नशा एवं अन्य दुर्व्यसनों से दूर रहने, तथा सात्त्विक, पौष्टिक एवं सुपाच्य भोजन ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें स्वस्थ जीवनशैली के लाभों से भी अवगत कराया गया। सनातन धर्म संस्था, बस्ती के सदस्य अखिलेश दूबे ने अभिभावकों से अधिक से अधिक संख्या में अपने बच्चों को शिविर में भेजने का आग्रह करते हुए कहा कि यह शिविर बच्चों को केवल आत्मरक्षा ही नहीं सिखाता, बल्कि उन्हें एक श्रेष्ठ मनुष्य, जागरूक नागरिक और राष्ट्रभक्त बनाने का कार्य भी करता है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति, भारत राष्ट्र, उत्तम स्वास्थ्य, उत्तम व्यवहार और आदर्श समाज की भावना से युक्त बालक ही भविष्य में एक सशक्त एवं समृद्ध भारत का निर्माण करेंगे।

उन्होंने बताया कि 8 वर्ष से 22 वर्ष तक के बालक एवं बालिकाएं इस शिविर में प्रतिभाग कर सकते हैं। यह शिविर पूर्णतः निःशुल्क है तथा प्रतिदिन प्रातः 6:30 बजे से 11:00 बजे तक 10 जून तक संचालित किया जा रहा है। बच्चों के लिए जलपान, पेयजल एवं छायादार स्थान की समुचित व्यवस्था की गई है। सनातन धर्म संस्था के सदस्य कर्नल के सी मिश्र, कैलाश नाथ दूबे, अनुराग शुक्ल, सुशील मिश्र सहित बुद्धिसागर दूबे, पंडित सहदेव दूबे, ओमप्रकाश दूबे, देवेन्द्र नाथ त्रिपाठी, ओमकार मिश्र ने क्षेत्र के सभी अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को इस संस्कारयुक्त एवं प्रेरणादायी शिविर से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहभागी बनें।

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