आयोजन समिति की बैठक हुई , जुलूस के साथ धूमधाम से मनाई जाएगी वीरांगना झलकारी बाई की जयंती
मंगलवार की शाम बाबा साहब डॉ अम्बेडकर प्रतिमा के समक्ष वीरांगना झलकारी बाई चेतना समिति की बैठक हुई। बैठक में 22नवम्बर को वीरांगना झलकारी बाई की 195वीं जयंती धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया।
आयोजन समिति के सदस्यों ने केंद्र और राज्य सरकार से 22नवम्बर को वीरांगना झलकारी बाई की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने और वीरांगना झलकारी बाई की पूरी जीवनी परिषदीय विद्यालयों में जूनियर हाईस्कूल की कक्षाओं के लिए संचालित पुस्तक भारत की महान विभूतियां पुस्तक में शामिल करने की मांग की गई।
आयोजन समिति के संयोजक एडवोकेट कुल रोशन ने बताया कि 22नवम्बर को वीरांगना झलकारी बाई की जयंती जुलूस और सभा के साथ धूमधाम से मनाई जाएगी।इस अवसर पर महिला खेल प्रतिभाओं और प्रतिभाशाली छात्राओं को सम्मानित भी किया जाएगा।
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता संजीव भारती ने कहा कि दिल्ली सरकार ने पुण्यतिथि योजना में वीरांगना झलकारी बाई को शामिल किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है। वीरांगना झलकारी बाई भारतीय इतिहासकारों की भेदभावपूर्ण लेखनी की शिकार रही है। सबसे पहले बहुजन संगठक नामक साप्ताहिक पत्र में वीरांगना झलकारी बाई का जीवन दर्शन और शौर्य गाथा प्रकाशित हुई है।
वरिष्ठ साहित्यकार जिया लाल आर्य सहित तमाम बहुजन लेखकों और दलित साहित्यकारों ने वीरांगना झलकारी बाई पर पुस्तकें लिखी हैं। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से बहुत पहले एक पुस्तक प्रकाशित की गई थी।यह पुस्तक अब प्रकाश में नहीं है। हमारी सरकार से मांग है कि इस पुस्तक को सूचना विभाग की ओर से 22नवम्बर को वीरांगना झलकारी बाई की जयंती पर हर जिले में वितरित कराया जाए।
बैठक की अध्यक्षता संजय कुमार शास्त्री ने की । उन्होंने 22नवम्बर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग दोहराई। बैठक का संचालन राम चन्द्र बौद्ध ने किया। राजेश अकेला राम चन्द्र सरस, श्याम लाल, शमशेर कुमार बौद्ध, फूलचंद्र बौद्ध, एडवोकेट प्रमोद कुमार,सच्चेन्द्र कुमार, सेवानिवृत्त शिक्षक पलटूराम, बृजेश कुमार, गंगा राम कश्यप, ललित कुमार,हरिकेश कुमार, राजीव रंजन भारती, श्याम कुमार, नरेन्द्र कुमार, राजेश कुमार,राम हर्ष , सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।





